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सीबीआइ ने असिस्टेंट गैरीसन इंजीनियर और जेई को घूस लेते दबोचा

देहरादून, जेएनएन। सीबीआइ ने सैन्य अभियंत्रण सेवा (मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विसेज) के असिस्टेंट गैरीसन इंजीनियर और जूनियर इंजीनियर को बीस-बीस हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। दोनों ने एक कॉन्ट्रेक्टर से सिविल वर्क के मेजरमेंट के लिए अस्सी हजार रुपये की रिश्वत की मांंग की थी। दोनों बुधवार को रिश्वत की पहली किश्त ले रहे थे। 

सीबीआइ के मुताबिक एक कॉन्ट्रेक्टर ने वित्तीय वर्ष 2018-19 में सैन्य क्षेत्र के सिविल एरिया में आठ लाख रुपये की लागत का इलेक्ट्रीफिकेशन का काम कराया था। कार्य पूर्ण होने के बाद उसने गैरीसन के इंजीनियर से मेजरमेंट करने कर रिपोर्ट भेजने का आग्रह किया। इस रिपोर्ट के बाद ही उसे भुगतान होना था। अधिकारियों ने इसकी जिम्मेदारी असिस्टेंट गैरीसन इंजीनियर केके सिंघल (पंडितवाड़ी निवासी) और जूनियर इंजीनियर मो. जहांगीर को सौंपी। कॉन्ट्रेक्टर ने जब इन दोनों से संपर्क किया तो पहले वे मेजरमेंट करने में हीलाहवाली करते रहे। 

बाद में दोनों ने कहा कि इसके लिए उसे अस्सी हजार रुपये रिश्वत देनी होगी। कॉन्ट्रेक्टर ने उनसे कहा कि यह रकम एकमुश्त नहीं, किश्तों में दे सकता है। बीस-बीस हजार रुपये की किश्त बनने के बाद कांट्रेक्टर ने इसकी शिकायत सीबीआइ में कर दी। यहां से एसपी पीएस पाणिग्रही के निर्देश पर टीम योजनाबद्ध तरीके से एमईएस के चकराता रोड स्थित दफ्तर पर पहुंची। 

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जैसे ही दोनों ने कॉन्ट्रेक्टर से रिश्वत की रकम ली, सीबीआइ की टीम ने उन्हें दबोच लिया। अचानक हुई इस कार्रवाई से एमईएस में काफी देर तक अफरा-तफरी रही। सीबीआइ ने दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कर लिया है। दोनों को गुरुवार को सीबीआइ की विशेष अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा।

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