उत्तराखंड सरकार ने 1.10 लाख पेंशनर्स को दिया तोहफा

देहरादून, [राज्य ब्यूरो]: राज्य के 1.10 लाख पेंशनर्स और पारिवारिक पेंशनर्स को सरकार ने तोहफा दिया है। 2016 से पहले के पेंशनर्स की पेंशन विसंगति दूर की गई है। बुधवार को मंत्रिमंडल ने काफी अरसा पहले सेवानिवृत्त हो चुके उक्त पेंशनर्स की पेंशन सातवें वेतनमान के मुताबिक निर्धारित करने का फैसला लिया है।

वहीं राज्य में अब रात्रि पाली में भी महिला कार्मिक बेरोकटोक कार्य कर सकेंगी। उधर, मंत्रिमंडल ने अगले माह प्रस्तावित इन्वेस्टर्स समिट के दौरान पूंजी निवेशकों के लिए विभिन्न योजनाओं में गांव स्तर तक निवेश का रास्ता साफ करते हुए विभिन्न नियमावलियों को मंजूरी दी। सौर ऊर्जा नीति में संशोधन कर पांच मेगावाट तक सोलर प्रोजेक्ट राज्य के स्थायी निवासियों को आवंटित किए जाएंगे। इन्हें पर्वतीय क्षेत्रों में स्थापित किया जा सकेगा। वहीं नगर निगम सीमा में शामिल क्षेत्रों को कम भी किया जा सकेगा। इसके लिए मौजूदा अधिनियम में संशोधन विधेयक को स्वीकृति दी गई। 

त्रिवेंद्र सिंह रावत मंत्रिमंडल की बुधवार को सचिवालय में दिनभर चली बैठक में 24 बिंदुओं पर चर्चा हुई। दो बिंदु स्थगित किए गए। विधानसभा सत्र की अधिसूचना जारी होने के चलते कैबिनेट फैसलों की ब्रीफिंग नहीं की गई। सूत्रों के मुताबिक कैबिनेट ने एक जनवरी, 2016 से पहले के पेंशनरों के लिए केंद्र सरकार की ओर से लागू पेंशन व्यवस्था को राज्य में लागू किए जाने को मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी। इससे 1985, 1995, 2006 के पेंशनर्स और पारिवारिक पेंशनर्स की पेंशन में विसंगति दूर होगी। पेंशनर्स को कोई एरियर नहीं दिया जाएगा। शासनादेश जारी होने की तिथि से उक्त पेंशन व्यवस्था लागू मानी जाएगी।

कैबिनेट प्रमुख फैसले

-एक जनवरी, 2016 से पहले सेवानिवृत्त हुए कार्मिकों की पेंशन विसंगति खत्म, पेंशन में 300 से 1000 रुपये की वृद्धि

-इन्वेस्टर्स समिट में निवेशकों के लिए निवेश का रास्ता साफ, सौर ऊर्जा, आयुष समेत कई अहम नियमावलियां मंजूर 

-महिला कार्मिकों को रात्रि पाली में काम करने की अनुमति, पहले लगा प्रतिबंध हटाया

-ग्रोथ सेंटर योजना के तहत राज्य की 670 न्याय पंचायत स्तर पर ग्रोथ सेंटर होंगे संचालित, एमएसएमई किसानों, बुनकरों को संगठित कर देगा प्रोत्साहन

-कीड़ा जड़ी दोहन और विपणन की नीति व प्रक्रिया को मंजूरी, जड़ी एकत्र करने वालों को कराना होगा पंजीकरण

-एनएच-74 के हरिद्वार-नगीना तक विस्तारीकरण को वन क्षेत्र की 847.98 करोड़ मूल्य की 64.74 हेक्टेयर भूमि नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया को मुफ्त देने पर मुहर

-प्राथमिक स्कूलों के बाद अब 30 से कम छात्रसंख्या वाले 34 सरकारी हाईस्कूल और इंटर को बंद करने का निर्णय

-उत्तराखंड सौर ऊर्जा नीति-2016 में संशोधन को मंजूरी, पांच मेगावाट तक प्रोजेक्ट राज्य के स्थायी निवासियों को आवंटित

-उत्तराखंड (उत्तरप्रदेश नगर निगम अधिनियम 1959) संशोधन अधिनियम, 2018 विधेयक को मंजूरी, नगर निगम की सीमा को अब घटा सकेगी सरकार

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