आयुर्वेदिक व होम्योपैथिक चिकित्सकों को वेतन वृद्धि का तोहफा, मिलेगा इतना वेतन

राज्य मंत्रिमंडल ने आयुर्वेदिक व होम्योपैथिक चिकित्सकों के मानदेय में नौ हजार रुपये से लेकर 11 हजार रुपये प्रतिमाह की वृद्धि की है।

Fri, 08 Mar 2019 10:57 PM (IST)
आयुर्वेदिक व होम्योपैथिक चिकित्सकों को वेतन वृद्धि का तोहफा, मिलेगा इतना वेतन

देहरादून, राज्य ब्यूरो। राज्य मंत्रिमंडल ने गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य में 20 रुपये बढ़ाकर किसानों को बड़ी राहत दी है। वहीं आयुर्वेदिक व होम्योपैथिक चिकित्सकों के मानदेय में नौ हजार रुपये से लेकर 11 हजार रुपये प्रतिमाह की वृद्धि की है।

लोकसभा चुनाव के मौके पर त्रिवेंद्र सिंह रावत किसानों के लिए बजट में लुभावने बंदोबस्त कर चुकी है। किसानों को पांच लाख तक ब्याजमुक्त ऋण की बजट में घोषणा के बाद अब गेहूं खरीद को लेकर किसानों को राहत मिली है। केंद्र सरकार ने गेहूं के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य 1840 रुपये तय किया है। राज्य सरकार ने उत्तराखंड में न्यूनतम समर्थन मूल्य 20 रुपये ज्यादा यानी 1860 रुपये तय किया है। इससे हजारों किसानों को बढ़ी कीमतों का लाभ मिलना तय है।

आयुष महकमे में कार्यरत आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक चिकित्सकों को भी वेतन वृद्धि का तोहफा दिया गया है। अब उनका वेतन प्रतिमाह सुगम क्षेत्र में 36 हजार रुपये से 45 हजार रुपये, दुर्गम क्षेत्र में 40 हजार से 50 हजार रुपये और अति दुर्गम क्षेत्र में 44 हजार से 55 हजार रुपये किए जाने को मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी है। इसीतरह प्रशासनिक पदों पर कार्यरत एलोपैथिक चिकित्सकों को नॉन प्रेक्टिसिंग अलाउंस में दो दिन ओपीडी में सेवाएं देने के प्रावधान को हटाया गया है। वहीं चिकित्सा शिक्षा विभाग में फैकल्टी की स्थायी नियुक्ति के प्रावधान के चलते मेडिकल कॉलेजों में पेश आ रही दिक्कत को भी दूर किया गया है। इसके लिए फैकल्टी को एक साल के लिए अनुबंध पर रखने के प्रावधान को दोबारा लागू करने को मंजूरी मिली है।

अल्मोड़ा में राजकीय सोबन सिंह जीना मेडिकल कॉलेज शोध संस्थान अल्मोड़ा के लिए भारतीय चिकित्सा परिषद के प्रावधान को देखते हुए पहले स्वीकृत तीन पदों की संख्या बढ़ाकर नौ की। एनाटोमी, फिजियोलॉजी व बायोकेमिस्ट्री में अब तीन-तीन पद मंजूर किए गए हैं। मंत्रिमंडल ने स्कूल एडॉप्शन नीति को मंजूरी दी। इसके तहत सरकारी प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, माध्यमिक विद्यालयों में संसाधनों की वृद्धि के लिए निजी संस्थाओं, चेरिटेबल संस्थाओं की ओर से उन्हें अंगीकृत किया जा सकेगा। राज्य सरकार ने कनार्टक सरकार की तर्ज पर यह व्यवस्था को मंजूरी दी है। हालांकि, ऐसे विद्यालयों में शिक्षकों की तैनाती राज्य सरकार की ओर से ही की जाएगी।

राज्य सरकार ने 11651 आशा कार्यकर्ताओं को प्रति माह एक हजार रुपये का लाभ देने का निर्णय लिया है। आशा कार्यकर्ताओं को सालाना एकमुश्त पांच हजार रुपये तो मिलेेंगे ही, साथ में केंद्र सरकार की ओर से प्रतिमाह दो हजार रुपये के साथ राज्य सरकार की ओर से भी प्रतिमाह दो हजार रुपये दिए जाएंगे। इस फैसले से आशा कार्यकर्ताओं को प्रतिमाह चार हजार रुपये बतौर प्रोत्साहन राशि मिल सकेगी। 

कैबिनेट के फैसले: 

यह भी पढ़ें: रावत मंत्रिमंडल ने लिया अहम फैसला, अब 54 तरह की स्वास्थ्य जांच मुफ्त

यह भी पढ़ें: दायित्वों की दूसरी किस्त में भी भाजपा विधायकों को मायूसी, अभी है इंतजार

यह भी पढ़ें: समाज के सर्वांगीण विकास के लिए महिलाओं का सशक्त होना जरूरी है: मुख्यमंत्री

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

Tags
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.