Rishikesh: 30 लाख रुपये चोरी करने वाले जीजा- साला गिरफ्तार, जानिए पूरा मामला

कोतवाली पुलिस ने एक सप्ताह पूर्व कंस्ट्रक्शन कंपनी में सेंध लगाकर 30 लाख रुपये चोरी करने के आरोप में जीजा- साला को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से 22 लाख रुपये बरामद किए गए। कोतवाली में घटना का खुलासा करते हुए पुलिस अधीक्षक देहात स्वतंत्र कुमार ने यह जानकारी की।

Sumit KumarMon, 29 Nov 2021 04:51 PM (IST)
कंपनी में सेंध लगाकर 30 लाख रुपये चोरी करने के आरोप में पुलिस ने जीजा- साला को गिरफ्तार किया है।

जागरण संवाददाता, ऋषिकेश: कोतवाली पुलिस ने एक सप्ताह पूर्व कंस्ट्रक्शन कंपनी में सेंध लगाकर 30 लाख रुपये चोरी करने के आरोप में जीजा- साला को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से 22 लाख रुपये बरामद किए गए।सोमवार को कोतवाली में घटना का खुलासा करते हुए पुलिस अधीक्षक देहात स्वतंत्र कुमार ने बताया कि 25 नवंबर को दीपक जुगलान निवासी श्यामपुर ऋषिकेश ने तहरीर दी कि उनके मैसर्स एसएस कंस्ट्रक्शन कंपनी श्यामपुर का 23 नवंबर की रात को शीशा और दरवाजा तोड़कर अलमारी के अंदर रखें 30.33 लाख रुपये अज्ञात व्यक्ति ने चुरा लिए।

वारदात का खुलासा करने के लिए एसओजी ग्रामीण के प्रभारी ओम कांत भूषण और कोतवाली प्रभारी निरीक्षक रवि सैनी के नेतृत्व में पुलिस टीम का गठन किया गया। पुलिस ने इस मामले में तहकीकात करने के बाद सोमवार को वारदात में शामिल दो आरोपित को गिरफ्तार किया है। इनसे चोरी किए गए 22 लाख रुपये बरामद किए गए हैं। पुलिस अधीक्षक देहात ने बताया कि इन दोनों व्यक्तियों की गिरफ्तारी भट्टो वाला तिराहा श्यामपुर ऋषिकेश क्षेत्र से की गई है।

गिरफ्तार किए गए दिनेश रावत पुत्र सत्यपाल सिंह रावत निवासी ग्राम हटनाली बनगांव, पट्टी दसगी चिन्यालीसौड़ उत्तरकाशी और उसका साला पंकज पंवार पुत्र शरद सिंह ग्राम इंदिरा टिपरी थाना धरासू चिन्‍यालीसौड़ उत्तरकाशी शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक आरोपित दिनेश रावत ने बताया कि वह जनवरी 2021 तक संबंधित कार्यालय में आफिस ब्‍वाय का काम करता था। इस दौरान उसे बैंक में रुपये जमा करने निकालने और जमा करने सहित अन्य जानकारी हो गई थी। बाद में उसने काम छोड़ दिया और आफिस के बाहर ही चाऊमीन की ठेली लगा ली थी।

यह भी पढ़ें- देहरादून: बाल वनिता आश्रम में नाबालिग के साथ दुष्कर्म, तबीयत खराब होने पर चला पता; खाना खाते वक्त बालक से बढ़ी थीं नजदीकियां

इस काम में उसका गुजारा नहीं हो रहा था। जिस पर उसने अपने साले पंकज से बात की और चोरी की योजना तैयार की। 23 नवंबर को दोनों देर रात कार्यालय के समीप पहुंचे। काम्‍पलेक्‍स के रास्ते छत से सीढ़ियों से उतरकर वह कार्यालय तक पहुंचे और उन्होंने अकाउंटेंट के केबिन का कांच का दरवाजा तोड़कर वहां रखी नकदी चुरा ली। करीब 10 लाख रुपये दोनों ने आपस में बांट लिए थे। शेष धनराशि कमरे में छुपा कर रख दी थी।

सोमवार को दोनों चोरी के रुपये लेने वापस कमरे में आए थे। दीपक ने बताया कि उसने 15 लाख रुपये रखे और पंकज को सात लाख दिए। जब वह लोग वापस गांव जा रहे थे तो चेकिंग के दौरान पुलिस के हाथ चढ़ गए।

यह भी पढ़ें- देहरादून: प्लाट बेचने के नाम पर ठगे 15 लाख रुपये, समझौता कर बेटे को कनाडा भेजने की कही बात; जानें फिर क्या हुआ

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

Tags
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.