उत्‍तराखंड : लिंग परीक्षण रोकने को ब्लाक स्तरीय समिति होंगी गठति

प्रदेश में भ्रूण लिंग परीक्षण रोकने के लिए सरकार लिंग चयन प्रतिषेध अधिनियम के तहत राज्य एवं जिला स्तरीय समितियों की तर्ज पर अब ब्लाक स्तर पर भी समितियों का गठन करेगी। सभी पंजीकृत अल्ट्रासाउंड केंद्रों के बाहर सीसीटीवी कैमरा एवं जरूरत पडऩे पर बायोमीट्रिक मशीनें लगाई जाएंगी।

Sunil NegiSat, 24 Jul 2021 07:05 AM (IST)
स्वास्थ्य मंत्री डा. धन सिंह रावत की अध्यक्षता में राज्य पर्यवेक्षण बोर्ड की बैठक आयोजित हुई।

राज्य ब्यूरो, देहरादून। प्रदेश में भ्रूण लिंग परीक्षण रोकने के लिए सरकार लिंग चयन प्रतिषेध अधिनियम के तहत राज्य एवं जिला स्तरीय समितियों की तर्ज पर अब ब्लाक स्तर पर भी समितियों का गठन करेगी। सभी पंजीकृत अल्ट्रासाउंड केंद्रों के बाहर सीसीटीवी कैमरा एवं जरूरत पड़ने पर बायोमीट्रिक मशीनें लगाई जाएंगी। चिकित्सक के परामर्श के बिना मेडिकल स्टोर पर गर्भपात संबंधी दवाओं की बिक्री नहीं की जा सकेगी।

सचिवालय स्थित मुख्य सचिव सभागार में स्वास्थ्य मंत्री डा. धन सिंह रावत की अध्यक्षता में आयोजित राज्य पर्यवेक्षण बोर्ड की बैठक में उक्त निर्णय लिए गए। डा. रावत ने बताया कि बैठक में फैसला किया गया अब सभी 95 विकासखंडों में ब्लाक निरीक्षण एवं मूल्यांकन समिति (पीसीपीएनडीटी) का गठन किया जाएगा। इसमें उपजिलाधिकारी, ब्लाक प्रमुख, खंड विकास अधिकारी, प्रभारी चिकित्साधिकारी तथा संबंधित क्षेत्र के एनजीओ के एक सदस्य को शामिल किया जाएगा। समिति को ब्लाक के अंतर्गत पंजीकृत अल्ट्रासाउंड केंद्रों के निरीक्षण का अधिकार होगा।

बैठक में 21 दिनों के अंदर जन्म पंजीकरण अनिवार्य करने का भी निर्णय हुआ। इसके लिए ग्राम प्रधान, आशा, एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकर्त्‍ताओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा। भ्रूण लिंग परीक्षण करने वालों के खिलाफ कार्यवाही संबंधी डीके पालिसी को शीघ्र लागू करने तथा भ्रूण लिंग परीक्षण की सूचना देने वाले को पुरस्कृत करने का निर्णय भी लिया गया। साथ ही बोर्ड की बैठक प्रत्येक माह आयोजित करने और अगले माह सबसे कम लिंगानुपात वाले जिले रुद्रप्रयाग में बैठक आयोजित करने का निर्णय भी हुआ। तय किया गया कि राज्य की सभी महिला विधायकों एवं महिला सांसदों को बोर्ड में बतौर सदस्य नामित किया जाएगा। राज्य में बाल लिंगानुपात के गिरते स्तर को देखते हुए बिना चिकित्सक के परामर्श के मेडिकल स्टोर पर गर्भपात संबंधी दवाओं की बिक्री पर रोक लगाने का निर्णय भी बैठक में लिया गया। जबरन कन्या भ्रूण लिंग परीक्षण एवं भ्रूण हत्या की रोकथाम के लिए जल्द एक हेल्पलाइन सेवा शुरू की जाएगी, जिसमें गर्भवती महिलाएं अपनी शिकायत दर्ज कर सकेंगी।

बैठक में सचिव स्वास्थ्य एवं उपाध्यक्ष राज्य पर्यवेक्षण बोर्ड डा पंकज पांडेय, मिशन निदेशक एनएचएम सोनिका, अपर सचिव न्याय राजू कुमार श्रीवास्तव, महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डा तृप्ति बहुगुणा, राज्य समुचित प्राधिकारी (पीसीपीएनडीटी) एवं निदेशक एनएचएम डा. सरोज नैथानी के अलावा कई अधिकारी उपस्थित रहे।

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