बिरसा मुंडा का व्यक्तित्व था चमत्कारी, उन्‍होंने समाज में चेतना जगाने का किया काम

राष्ट्रीय जनजाति गौरव दिवस पर अभाविप के करनपुर स्थित प्रांत कार्यालय में कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस दौरान डीएवी कालेज के एसोसिएट प्रोफेसर व अभाविप के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डा. धर्मेंद्र कुमार शाही ने कहा कि बिरसा मुंडा का व्यक्तित्व चमत्कारी था।

Sunil NegiTue, 16 Nov 2021 01:38 PM (IST)
अभाविप ने राष्ट्रीय जनजाति गौरव दिवस पर बिरसा मुंडा की तस्वीर पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलित किया।

जागरण संवाददाता, देहरादून। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने राष्ट्रीय जनजाति गौरव दिवस पर बिरसा मुंडा की तस्वीर पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलित किया। अभाविप के करनपुर स्थित प्रांत कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य वक्ता डीएवी कालेज के एसोसिएट प्रोफेसर व अभाविप के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डा. धर्मेंद्र कुमार शाही ने कहा कि बिरसा मुंडा का व्यक्तित्व चमत्कारी था। उन्होंने धर्मांतरण, स्वतंत्रता आंदोलन व अपने क्षेत्र में अकाल पर भी काम किया। उन्होंने समाज में जागरूकता लाने के साथ-साथ स्वतंत्रता सेनानी की भूमिका भी निभाई। महानगर अध्यक्ष डा. हरिओम शंकर ने कहा कि बिरसा मुंडा ने जनजातीय चेतना जगाने का काम किया है। उन्होंने राष्ट्रीय एकता और राष्ट्रीय स्वतंत्रता आंदोलन में जनजातीय समुदाय को एक करने के लिए जो कार्य किया उसके लिए उन्हें सदैव याद किया जाएगा। कार्यक्रम में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के गढ़वाल संयोजक हिमांशु कुमार, महानगर मंत्री करन घाघट, महानगर संगठन मंत्री नागेंद्र बिष्ट, प्रांत संस्कृत आयाम प्रमुख विवेक ममगाईं, प्रांत कार्यकारणी सदस्य सागर तोमर, राहुल चौहान, दयाल बिष्ट, गौरव तोमर, नवदीप राणा, करन नेगी, अमन नेगी, विद्यार्थी व पदाधिकारी सम्मिलित हुए।

बिरसा मुंडा का जनजाति वर्ग के लिए अतुलनीय योगदान

जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र ने भारतीय जनजातीय सूचना विद्या संस्थान झाझरा में विशेष संगोष्ठी आयोजित कर बिरसा मुंडा के योगदान को याद किया। संगोष्ठी मेंदिव्यांग पुनर्वास केंद्र के जिला नोडल अधिकारी अनंत प्रकाश मेहरा ने बिरसा मुंडा के जीवन पर प्रकाश डाला। बताया कि बिरसा मुंडा जनजाति वर्ग के स्वतंत्रता सेनानियों में महत्वपूर्ण व्यक्ति रहे हैं। आज देश जनजाति गौरव दिवस के रूप में उनके जन्मदिवस को मना रहा है। गरीब जनजातीय किसान परिवार में जन्म लेने के बाद भी उन्होंने अपना जीवन भारत की स्वतंत्रता के लिए समर्पित किया। आज हमें बिरसा मुंडा के जन्मोत्सव पर चकराता व कालसी जैसे जनजातीय क्षेत्र के दिव्यांगजनों की स्थिति को सुदृढ़ करने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि विशिष्ट दिव्यांगजन लेप्रोसी, अधिगम अक्षम, मानसिक रूप से दिव्यांग, श्रवण बाधित एवं दृष्टिहीन, दिव्यांग बालकों के असिसमेंट समय-समय पर किया जाएगा। उन्होंने बताया कि बिरसा मुंडा का जन्मोत्सव सप्ताह 21 नवंबर तक मनाया जाएगा।

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