अफसरों के गैरहाजिर रहने पर विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल नाराज

विधानसभा स्थित सभागार में गैरसैंण विकास परिषद की बैठक लेते विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल।

गैरसैंण विकास परिषद की बोर्ड बैठक में कुछ विभागों के अधिकारियों की गैरमौजूदगी पर विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने कड़ी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने अधिकारियों से दो टूक कहा कि वे बैठकों को संवेदनशीलता से लें और जो अधिकारी अपेक्षित हैं वही इनमें भागीदारी करें।

Sunil NegiThu, 25 Feb 2021 12:10 PM (IST)

राज्य ब्यूरो, देहरादून। गैरसैंण विकास परिषद की बोर्ड बैठक में कुछ विभागों के अधिकारियों की गैरमौजूदगी पर विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने कड़ी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने अधिकारियों से दो टूक कहा कि वे बैठकों को संवेदनशीलता से लें और जो अधिकारी अपेक्षित हैं, वही इनमें भागीदारी करें। बैठक में जानकारी दी गई कि गैरसैंण विकास परिषद के माध्यम से गैरसैंण व चौखुटिया विकासखंडों में प्रारंभ से 71 योजनाएं स्वीकृत की गई थीं। इनमें से वर्तमान में 64 पूरी हो चुकी हैं, जबकि सात पर कार्य जारी है। विधानसभा अध्यक्ष ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि पांच लाख से अधिक धनराशि के कार्यों का विधिवत शिलान्यास व उद्घाटन किया जाए, जिनमें स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सहभागिता भी सुनिश्चित हो।

विधानसभा भवन में आयोजित बोर्ड की बैठक में कुछ विभागों के अधिकारी नदारद थे। इसी दौरान जब विधानसभा अध्यक्ष ने एक अधिकारी से जानकारी चाही तो उन्हें बताया गया कि अपर सचिव पहुंचने वाले हैं। इस पर अध्यक्ष ने जब अपर सचिव का नाम पूछा तो यह अधिकारी नाम नहीं बता पाए। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने सभी अधिकारियों को पूरी तैयारी के साथ आने और सक्षम अधिकारियों को ही बैठकों में भेजने के निर्देश दिए।

बैठक के उपरांत पत्रकारों से बातचीत में विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि बैठक में 32 कार्यों के पूर्ण होने का प्रस्तुतीकरण दिया गया। उन्होंने बताया कि गैरसैंण क्षेत्र में जो सात कार्य चल रहे हैं, उनमें गैरसैंण में स्टेडियम निर्माण, आदिबद्री खेल मैदान में चेंजिंग रूम व टायलेट, ग्राम पंचायत सिराणा में पुलिया निर्माण, मालकोट में बाढ़ सुरक्षा कार्य, तडग़ताल में रामलीला मंच का निर्माण, चौखुटिया में बाखली व छिताड़ नहर का जीर्णोद्धार शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे निर्माण कार्यों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ सामंजस्य बनाकर कार्य करें। कार्यों को उच्च गुणवत्ता एवं मानकों के आधार पर तय समय सीमा पर पूर्ण करने को कहा गया। अधिकारियों से यह भी कहा गया है कि वे निर्माण कार्यों का भौतिक सत्यापन भी सुनिश्चित कराएं। साथ ही यह निर्देश भी दिए गए कि परिषद के माध्यम से होने वाले कार्यों के शिलान्यास व उद्घाटन शिलापटों पर स्थानीय विधायक व अन्य जनप्रतिनिधियों के नाम भी अंकित कराए जाएं।

विधानसभा अध्यक्ष के अनुसार पिछले वर्ष परिषद के लिए 5.72 करोड़ की योजनाएं अनुमोदित की गई थीं। इसके सापेक्ष वित्तीय वर्ष 2020-21 में इसके लिए तीन करोड़ का प्रविधान किया गया। इसमें से डेढ़ करोड़ अवमुक्त हो चुका है और शेष जल्द होगा। उन्होंने बताया कि अवशेष 2.72 करोड़ की योजनाओं को अगले वित्तीय वर्ष में समायोजित किया जाएगा।

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