top menutop menutop menu

प्रमाण पत्रों से छेड़छाड़ करने वाले खिलाड़ियों को एक और मौका, खुद आ जाएं बोर्ड के सामने

देहरादून, निशांत चौधरी। जन्मतिथि और मूल निवास प्रमाण पत्र में छेड़छाड़ कर टीम में शामिल होने के कई मामले पूर्व में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने पकड़े हैं, उन पर प्रतिबंध भी लगाया है। अब ऐसे मामले सामने न आएं इसके लिए  बोर्ड सख्त हो गया है, लेकिन इसके साथ ही प्रमाण पत्रों में छेड़छाड़ करने वाले खिलाड़ियों को बोर्ड ने एक मौका दिया है। बोर्ड ने कहा है कि अगर ऐसे खिलाड़ी जिन्होंने ऐसी हरकत की है अगर वह खुद बोर्ड के समक्ष आ जाए और गलती मान लें तो उन्हें माफ कर दिया जाएगा, लेकिन अगर जांच में कोई खिलाड़ी प्रमाणपत्रों से छेड़छाड़ कर लाभ उठाने का दोषी पाया जाता है तो उस पर दो साल का प्रतिबंध लगाया जाएगा। बता दें कि जन्मतिथि और मूल निवास प्रमाण पत्र में छेड़छाड़ के मामले उत्तराखंड में भी सामने आए थे, ऐसे छह खिलाड़ियों पर बोर्ड ने दो साल का प्रतिबंध लगाया था।

जिम जाएं पर एहतियात न भूलें  

केंद्र सरकार ने अनलॉक-तीन की गाइडलाइन में पांच अगस्त से जिम, फिटनेस सेंटर और योग केंद्र को शर्तों के साथ खोलने की अनुमति दे दी है। लंबे समय से समय से जिम संचालक, योग केंद्र चालक और फिटनेस प्रेमी इसका इंतजार कर रहे थे। जिम संचालकों की आर्थिक स्थिति और अन्य गतिविधियों को सुचारू करने के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है। लेकिन इसके साथ ही जिम संचालकों और हमें यह ध्यान रखना होगा कि इस अनुमति के सार्थक परिणाम सामने आए। इसके लिए हमें अनलॉक तीन में जारी स्वास्थ्य विभाग के जरूरी नियमों का अनुशासन के साथ पालन करना होगा। तभी हम कोरोना संक्रमण से दूर रह सकते हैं।  क्योंकि योग केंद्र व जिम सेंटरों में हम खुद को स्वस्थ रखने के लिए जाते हैं। लेकिन अगर हमने इस कोरोना संक्रमण के दौर में जरा सी  लापरवाही बरती तो हम स्वस्थ होने के बजाए अस्वस्थ हो सकते हैं।

आसान नहीं कैंप संचालन की डगर

कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम के लिए लगभग पांच माह से खेल गतिविधियां बंद थी। अनलॉक-तीन में अब खेल गतिविधियां शुरू की जा रही हैं। इसी के तहत उत्तराखंड क्रिकेट एसोसिएशन 10 अगस्त से अभिमन्यु क्रिकेट ऐकेडमी(सीएयू) में सीनियर क्रिकेटर खिलाडिय़ों का कैंप शुरू करने जा रही है। लेकिन सीएयू व खिलाड़ियों के लिए यह डगर आसान नहीं नजर आ रही है। हालांकि एसोसिएशन ने कैंप संचालन के कड़े नियम बनाए हैं। कैंप से पहले सभी खिलाडिय़ों व समस्त स्टाफ का कोरोना टेस्ट कराया जाएगा। साथ ही कैंप के दौरान संक्रमण से बचने के लिए सभी एहतियात बरते जाएंगे। प्रतिदिन कैंप समाप्त होने पर ऐकेडमी को सैनिटाइज किया जाएगा। कैंप में शामिल खिलाडिय़ों को कैंप छोड़कर बाहर जाने की अनुमति नहीं होगी। इन तमाम सतर्कताओं के बावजूद भी अगर कैंप के दौरान किसी भी स्टाफ में संक्रमण के लक्षण मिलते हैं तो कैंप के संचालन पर फिर निर्णय लिया जाएगा।

यह भी पढ़ें: सीएयू के प्रशिक्षण शिविर में बिना अनुमति नहीं जा सकते खिलाड़ी, दिखानी होगी कोरोना नेगेटिव रिपोर्ट

लटक गया राष्ट्रीय खेलों का काम

उत्तराखंड में वर्ष 2021 में प्रस्तावित राष्ट्रीय खेलों का आयोजन संभव होता नजर नहीं आ रहा है। कोरोना महामारी इसकी राह में सबसे बड़ी बाधा बनी है। क्योंकि राष्ट्रीय खेलों के लिए सरकार को तमाम अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं जुटानी है। इसके लिए सरकार ने वक्त में तैयारी भी शुरू कर दी थी। कई काम भी आरंभ हो गए थे, लेकिन मार्च में कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए लगे लॉकडाउन में तमाम गतिविधियां रुक गई। विभागीय जानकारों के मुताबिक तमाम अवस्थापनाओं को जुटाने में करीब 18 महीने का समय लगना तय है। स्थिति यह है कि लॉकडाउन में बंद हुए काम अभी आरंभ भी नहीं हुए हैं। ऐसे में कब काम शुरू होगा और कब तक अंजाम तक पहुंचेगा इसका किसी जिम्मेदार के पास जवाब भी नहीं है। इस स्थिति में तो लगता है कि वर्ष  2021 में उत्तराखंड में राष्ट्रीय खेलों का आयोजन शायद ही संभव हो पाए। 

यह भी पढ़ें: खेलों में भी होगी आवाज बुलंद, उत्तराखंड खेल अधिकारी-कर्मचारी संगठन का गठन

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.