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जल्द अस्तित्व में आएगा साहसिक खेल निदेशालय

राज्य ब्यूरो, देहरादून: प्रदेश में साहसिक खेलों के लिए पर्यटन परिषद में जल्द ही अलग निदेशालय गठित कर दिया जाएगा। इसके पद भरने की कवायद शुरू कर दी गई है। निदेशालय में निदेशक स्तर के पद भरने के लिए अगले सप्ताह से साक्षात्कार की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। पहले यह प्रक्रिया इसी सप्ताह प्रस्तावित थी लेकिन आइएएस वीक के कारण इसे अब आगे सरका दिया गया है।

उत्तराखंड में साहसिक खेल बड़ी संख्या में पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। यहां बंजी जंपिंग, साइक्लिंग टूर, पर्वतारोहण, ट्रेकिंग, स्कीईग जैसे जमीनी साहसिक खेलो के साथ ही पैराग्लाइडिंग, हैंड ग्लाइडिंग व पैरा मोटरिग जैसे एयरो स्पो‌र्ट्स केंद्र तेजी से खुल रहे हैं। वहीं, राफ्टिंग व कयाकिंग जैसे साहसिक खेल युवाओं के बीच में सबसे लोकप्रिय हैं। सबसे अधिक युवा पर्यटक इसी के लिए उत्तराखंड आते हैं। साहसिक खेलों में पर्यटकों की बढ़ती संख्या और युवाओं को मिल रहे रोजगार को देखते हुए प्रदेश सरकार ने इस दिशा में कदम उठाए हैं। इस कड़ी में कुछ समय पहले ही राज्य ने साहसिक खेल नीति को मंजूरी दी है। अब केंद्र भी साहसिक खेलों के प्रचार प्रसार पर जोर दे रही है और इसे रोजगार का बड़ा जरिया मान रही है। इसे देखते हुए अब पर्यटन विभाग द्वारा साहसिक खेलों के लिए एक पूरा कार्मिक ढांचा तैयार किया गया है। इस निदेशालय की कमान सीईओ के हाथ में रहेगी। मंडल स्तर पर निदेशकों की तैनाती होगी और जिला स्तर पर साहसिक खेल अधिकारी तैनात किए जाएंगे। इनमें साहसिक खेलों के विशेषज्ञों को भी शामिल किया जाएगा। फिलहाल नए ढांचे में 96 कार्मिक रखे जाने हैं।

सचिव पर्यटन दिलीप जावलकर ने कहा कि इसमें निदेशकों के पद पर भर्ती के साक्षात्कार होने थे। विभिन्न कारणों के चलते यह नहीं हो पाए, अब अगले सप्ताह यह प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

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