हेल्पलाइन पहुंचीं 529 कॉल, 2888 से चिकित्सकों ने पूछा हाल; पढ़ि‍ए पूरी खबर

लोगों की सहायता के लिए जिला प्रशासन ने दो कंट्रोल रूम स्थापित कर चार हेल्पलाइन नंबर शुरू किए हैं।

जो लोग कोरोना से संक्रमित हैं और होम आइसोलेशन में रह रहे हैं उनकी सहायता के लिए जिला प्रशासन ने दो कंट्रोल रूम स्थापित कर चार हेल्पलाइन नंबर शुरू किए हैं। इनमें चिकित्सीय परामर्श से लेकर कोरोना किट पहुंचाने संबंधी शिकायतें प्राप्त की जा रही हैं।

Sunil NegiTue, 11 May 2021 08:38 AM (IST)

जागरण संवाददाता, देहरादून। जो लोग कोरोना से संक्रमित हैं और होम आइसोलेशन में रह रहे हैं, उनकी सहायता के लिए जिला प्रशासन ने दो कंट्रोल रूम स्थापित कर चार हेल्पलाइन नंबर शुरू किए हैं। इनमें चिकित्सीय परामर्श से लेकर कोरोना किट पहुंचाने संबंधी शिकायतें प्राप्त की जा रही हैं। आइटी पार्क स्थित कोविड कंट्रोल रूम एक मई से संचालित है, जबकि आपदा कंट्रोल पर दो मई से कॉल प्राप्त की जा रही है। हालांकि, दून से अपेक्षा के अनुरूप कॉल सेंटर में कम कॉल आ रही हैं। नौ मई तक कंट्रोल रूम में महज 529 कॉल प्राप्त की जा सकी हैं। हालांकि, कोविड कंट्रोल रूम से चिकित्सक जरूर होम आइसोलेशन में रह रहे व्यक्तियों को कॉल कर उनका हालचाल पूछ रहे हैं। इस अवधि में कंट्रोल रूम से 2888 कॉल की गई हैं।

जिलाधिकारी डॉ. आशीष श्रीवास्तव के मुताबिक, वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग से हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है। इसके अलावा कोरोना किट की प्राप्ति व चिकित्सीय परामर्श के लिए अलग नंबर दिए गए हैं। कंट्रोल रूम में नोडल अधिकारी के अलावा शिकायत को रजिस्टर में दर्ज करने व उनके समाधान के लिए भी जिम्मेदारी तय की गई है। हेल्पलाइन में जो भी कॉल आ रही हैं, उनका अनुपालन हर हाल में किया जा रहा है। कोरोना किट व चिकित्सीय परामर्श से इतर ऑक्सीजन सिलिंडर व अस्पतालों में बेड को लेकर भी कॉल आ रही हैं। ऐसी कॉल को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय को भेजा जा रहा है। 

कंट्रोल रूम में कॉल की स्थिति

09 मई : आपदा कंट्रोल रूम में 27 कॉल कोरोना किट न मिलने को लेकर की गई। साथ ही 12 ऐसी कॉल थी, जिसमें कोरोना जांच व ऑक्सीजन सिलिंडर की मांग की गई थी। कोरोना किट सभी को मिल रही है, मगर कई दफा ऑक्सीजन सिलिंडर की अनुपलब्धता के चलते त्वरित समाधान नहीं हो पा रहा। कोविड कंट्रोल रूम से चिकित्सकों ने 449 व्यक्तियों को कॉल कर स्वास्थ्य का हालचाल जाना और परामर्श दिया।

08 मई : कोरोना किट व ऑक्सीजन सिलिंडर को लेकर 33 कॉल आईं। 30 कॉल का त्वरित समाधान करा दिया गया। 

07 मई : आपदा कंट्रोल रूम में कोरोना किट को लेकर 39 कॉल आईं। कोविड कंट्रोल रूम से चिकित्सकों ने 419 व्यक्तियों से संपर्क साधा।

06 मई : आपदा कंट्रोल रूम में 57 कॉल आईं। 10 कॉल ऑक्सीजन सिलिंडर और अस्पताल में बेड संबंधी थी। सिलिंडर संबंधी कॉल का समाधान हो गया था, जबकि बेड की मांग निर्धारित तिथि तक लंबित थी।

कोविड कंट्रोल रूम से चिकित्सकों ने 619 व्यक्तियों को संपर्क कर स्वास्थ्य की देखभाल संबंधी सलाह दी।

05 मई : आपदा कंट्रोल रूम में 46 कॉल प्राप्त की गई। अधिकतर कॉल कोरोना किट को लेकर थी। इन्हें 24 घंटे के भीतर किट पहुंचा दी गई थी। कोविड कंट्रोल रूम के चिकित्सकों ने 396 व्यक्तियों को कॉल पर परामर्श दिया।

04 मई : 57 व्यक्तियों ने कोविड कंट्रोल रूम में कॉल कर सहायता मांगी। इनमें से अधिकतर कॉल कोरोना किट संबंधी थी। कुछ कॉल ऑक्सीजन सिलिंडर और कुछ आइसीयू बेड की थी। आइसीयू बेड की मांग मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय को भेज दी गई थी।

कोविड कंट्रोल रूम से 556 व्यक्तियों को संपर्क कर होम आइसोलेशन में स्वास्थ्य की देखभाल के तरीके बताए गए।

03 मई : केविड कंट्रोल रूम में 36 ने किट के लिए कॉल किया, जबकि 31 ने अन्य तरह की सहायता मांगी।

02 मई : 36 व्यक्तियों ने आपदा कंट्रोल रूम में कॉल कर किट की मांग की।

एक मई : कोविड कंट्रोल में से 136 कॉल के माध्यम से परामर्श दिया गया।

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