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सीतापुर नेत्र चिकित्सालय को बनाया डेंगू वार्ड

संवाद सहयोगी, गोपेश्वर: चमोली जिले में डेंगू को लेकर स्वास्थ्य महकमा सक्रिय हो गया है। जिला मुख्यालय गोपेश्वर के सीतापुर नेत्र चिकित्सालय को डेंगू आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। यहां पर डेंगू मरीजों को भर्ती करने के लिए चार वार्ड स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा जिले के प्रत्येक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भी डेंगू मरीजों के लिए अलग से दो-दो बेड आरक्षित किए गए हैं।

अमूमन, चमोली जिले में यात्रियों के अलावा प्रवासियों में डेंगू की शिकायत रहती है। लेकिन इस बार यात्रा ठप है और अधिकतर प्रवासी भी अपने घर-गांव में है। ऐसे में डेंगू बीमारी को लेकर इस बार चिता की बात नहीं है। परंतु स्वास्थ्य महकमे ने डेंगू की संभावना को देखते हुए तैयारी शुरू कर दी है। जिला चिकित्सालय के निकट सीतापुर नेत्र चिकित्सालय में डेंगू के लिए चार वार्ड बनाए गए हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कर्णप्रयाग, जोशीमठ, थराली, पांडुकेश्वर, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चमोली, घाट समेत अन्य स्थानों पर डेंगू के लिए अलग से दो-दो बेड भी आरक्षित किए गए हैं। डेंगू से बचाव के लिए विभाग ने 100 रैपिड किट की डिमांड की है। बताया जा रहा है कि जल्द ही विभाग को रैपिड किट उपलब्ध हो जाएगा। डेंगू मरीजों को प्लेटलेट्स की कमी न पड़े, इसके लिए विभाग ने 150 से अधिक रक्तदाताओं के नंबर व रेकार्ड दर्ज किए हैं। जरूरत पड़ने पर ये रक्तदाता अपना रक्तदान कर सकते हैं। इससे डेंगू के दौरान प्लेटलेट्स की कमी भी सामने नहीं आ सकती है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जीएस राणा ने बताया कि चमोली जिले में रक्तदान को लेकर लोगों में उत्साह है। मगर कोरोन संक्रमण को देखते हुए जरूरत के हिसाब से ही रक्त लिया जा रहा है। बताया कि रक्तदाताओं का रेकार्ड दर्ज किया गया है। जरूरत पड़ने पर उनसे रक्तदान लिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि डेंगू से बचाव के लिए आशा, एएनएम के माध्यम से लगातार प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।

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