ग्रामीण संपर्क मार्ग न बनने से हादसे की आशंका

ग्रामीण संपर्क मार्ग न बनने से हादसे की आशंका
Publish Date:Mon, 28 Sep 2020 06:36 PM (IST) Author: Jagran

संवाद सूत्र, कर्णप्रयाग: ऋषिकेश-कर्णप्रयाग राष्ट्रीय राजमार्ग से लगे गांवों को जोड़ने वाले पैदल रास्ते व जलस्रोत राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के ऑलवेदर कटिंग कार्य के चलते जोखिम में डालकर आवाजाही कर रहे हैं। लेकिन जिम्मेदार एनएचआइएचआइडीसीएल अधिकारी समस्या का निदान नहीं कर सके हैं, जिससे ग्रामीणों की नाराजगी बनी है। ग्रामीणों ने गढ़वाल सांसद तीरथ सिंह रावत को ज्ञापन भी सौंपा।

ग्रामीण कुलदीप सिंह, खीम सिंह, केशर सिंह ने बताया राष्ट्रीय राजमार्ग बदरीनाथ के कर्णप्रयाग-गौचर के समीप चट्टवापीपल, सिरण, गलनाऊं ढ़ाबे के समीप पूर्व में बीआरओ ने सड़क चौड़ीकरण के दौरान ऐंड व सिरण गांव जाने वाले पैदल रास्ता क्षतिग्रस्त कर दिया, जो आज भी आवाजाही लायक नहीं है और अब राजमार्ग एनएच को स्थानान्तरित हो जाने से उनकी समस्या जस की तस बनी है। बीते सप्ताह सड़क चौड़ीकरण हो चुके राजमार्ग पर जब डामरीकरण कार्य प्रारंभ होने की भनक ग्रामीणों को लगी तो उन्होंने मौके पर काम रोक पहले पैदल रास्ते की मरम्मत करने की मांग उठाई्र, जिस पर एनएच के अवर अभियंता शक्ति सिंह ने समस्या का निदान करने का आश्वासन दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि बारिश में सुरक्षा दीवार न होने से भूस्खलन का खतरा बना है और मलबा राजमार्ग पर भी दुर्घटना को न्यौता दे रहा है। समस्या को लेकर उपजिलाधिकारी कर्णप्रयाग वैभव गुप्ता को क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों प्रधान सिरण ईश्वर सिंह, कुलदीप सिंह, जय विशाल, विनोद नेगी ने लिखित रूप से अवगत कराया साथ ही संपर्क मार्ग को एनएच से मिलाने की मांग रखी है। वहीं सोमवार को क्षेत्र भ्रमण को पहुंचे सांसद गढ़वाल तीरथ सिंह रावत को भी ग्रामीणों ने ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में खुशाल सिंह, राजेन्द्र सिंह, महावीर सिंह, भगत सिंह, केशर सिंह, मनीष, जयविशाल आदि के हस्ताक्षर हैं।

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