ग्रामीणों को भी मिलेगी बंदरों से निजात

संवाद सहयोगी, गोपेश्वर: नगर के बाद अब ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को भी बंदरों से निजात मिलेगी। वन विभाग ने गांवों में ¨पजरे लगाकर बंदरों को पकड़ने का कार्य शुरू कर दिया है। अभी तक 150 से अधिक बंदर पकड़े जा चुके हैं। गोपेश्वर रेंज के बाद अब नागनाथ रेंज में बंदरों को पकड़ने की कार्रवाई की जा रही है।

चमोली जिले में जंगली जानवरों से काश्तकार हमेशा परेशान रहते हैं। बंदर फसलों को तो नुकसान पहुंचाते ही हैं। साथ ही लोगों पर भी हमले करते हैं। कई बार शिकायत के बाद भी केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग ने काश्तकारों को बंदरों से निजात दिलाने की मुहिम छेड़ी है। इसके तहत पहले गोपेश्वर शहर में जाल लगाकर बंदरों को पकड़ा गया। इसके बाद ग्रामीण क्षेत्रों में बंदरों को पकड़ने का कार्य किया जा रहा है। केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग के गोपेश्वर रेंज अंतर्गत दशोली विकासखंड के स्यूंण, बेमरू के अलावा अन्य गांवों में जाल लगाकर वन विभाग अभी तक 150 से अधिक बंदरों को पकड़ चुका है। अब नागनाथ रेंज में बंदरों को पकड़ने के लिए जाल लगाए गए हैं। केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग की गोपेश्वर रेंज अधिकारी आरती मैठाणी ने बताया कि शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में मथुरा के एक्सपर्ट बंदर पकड़ रहे हैं। इन बंदरों को रेस्क्यू सेंटर भेजा गया है। वहां बंदरों की नसबंदी कर इन्हें जंगलों में छोड़ा जा रहा है।

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