भवन कर और लाइसेंस फीस से बढ़ेगी पालिका की आय

भवन कर और लाइसेंस फीस से बढ़ेगी पालिका की आय

बागेश्वर नगर पालिका वित्तीय वर्ष में आय जुटाने की तैयारियों में जुट गई है। इसके लिए लक्ष्य तय कर दिया है।

Publish Date:Sat, 31 Oct 2020 07:30 AM (IST) Author: Jagran

घनश्याम जोशी, बागेश्वर

पालिका वित्तीय वर्ष में आय जुटाने की तैयारियों में जुट गई है। लाकडाउन के कारण पालिका भी लाइसेंस फीस, भवन कर आदि से वंचित रही। अब अनलाक होने के बाद मार्च 2021 तक का लक्ष्य निर्धारित कर दिया गया है। भवन कर से लगभग 27 लाख रुपये की आय होने का लक्ष्य रखा गया है। नगर पालिका क्षेत्र में 1971 मकान कर के लिए चयन किए गए हैं। इसके अलावा दुकानदारों के लाइसेंस शुल्क से 12 लाख और पालतू कुत्ता आदि के लाइसेंस से करीब एक लाख रुपये का लक्ष्य है। यदि पालिका को लक्ष्य के सापेक्ष आय हुई तो विकास कार्यों की रफ्तार भी तेज होगी।

शहर के विकास के लिए पालिका हर वर्ष एक लक्ष्य निर्धारित करती है। लाइसेंस शुल्क, भवन कर समेत लगभग 21 मदों से पालिका की आय निर्धारित होती है। कोरोना वायरस संक्रमण के कारण इस वर्ष पालिका को भवन कर वसूलने में भी दिक्कत हुई है। अभी तक लगभग 8.61 लाख रुपये ही भवन कर के रूप में जमा हो सके हैं। मार्च 2021 तक 27 लाख रुपये का लक्ष्य है। जिसे पूरा करने के लिए पालिका ने अनलाक में कदमताल शुरू कर दी है। इसके अलावा व्यापारियों से लाइसेंस शुल्क के रूप में अभी तक 97 हजार रुपये जमा किया गया है। जबकि यह लक्ष्य तीन लाख रुपये है। पालिका पालतू कुत्तों के लाइसेंस समेत 21 मदों से कर वसूलती है। जनवरी माह में आयोजित होने वाला उत्तरायणी मेला पालिका के लिए कमाई के बेहतर साधन है। यदि दिसंबर में कोरोना वैक्सीन आ गई तो यह मेला होगा, लेकिन अभी मेले की तैयारियों को लेकर पालिका असमंजस की स्थिति में है।

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इस तरह हैं शुल्क के मानक

पालिका के पास नगर में 600 व्यापारी हैं। जिनका अभी पंजीकरण होना है। वर्तमान में 282 लाइसेंस बने हैं। 15 रुपये से आठ हजार रुपये तक लाइसेंस शुल्क आता है। मार्च 2021 तक तीन लाख रुपये लाइसेंस शुल्क से मिलने की उम्मीद है। वहीं, दूसरी तरफ भवन कर में भी अभी काफी गड़बड़ी है। 10 रुपये से लेकर 21 हजार रुपये तक कर के रूप में पालिका वसूलती है। -वर्जन- पालिका भवन कर, लाइसेंस फीस समेत 21 मदों से शुल्क वसूलती है। जिसका लक्ष्य निर्धारित कर दिया गया है। कर्मचारी फील्ड में काम करने लगे हैं। शुल्क को आनलाइन जमा करने का निर्णय शासन ने लिया है। जिसके तहत कर्मचारियों ने प्रशिक्षण भी लिया है।

-राजदेव जायसी, अधिशासी अधिकारी, बागेश्वर।

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