रानीखेत क्षेत्र में बूंद-बूंद पानी के लिए लगा रहे 24 किमी की दौड़

रानीखेत क्षेत्र में बूंद-बूंद पानी के लिए लगा रहे 24 किमी की दौड़

रानीखेत क्षेत्र में तपिश बढ़ने के साथ गावों में पेयजल संकट बढ़ गया है।

JagranThu, 15 Apr 2021 11:11 PM (IST)

संवाद सहयोगी, रानीखेत : तपिश बढ़ने के साथ गावों में पेयजल संकट बढ़ गया है। गाव के लोग सुबह से शाम तक पेयजल व्यवस्था करने में जुटे रहते हैं। आलम यह है कि पानी के लिए ग्रामीण 24 किलोमीटर की दूरी तय कर संघर्ष कर रहे हैं।

जंगलों में धधकती आग ने समस्या और बढ़ा दी है। प्राकृतिक जल स्त्रोत सूखने की कगार पर हैं। रानीखेत खैरना स्टेट हाईवे से सटे चापड़ गाव के बाशिदे पेयजल व्यवस्था को वाहन के माध्यम से स्टेट हाईवे पर स्थित पातली क्षेत्र पहुंच रहे हैं। पातली क्षेत्र स्थित प्राकृतिक जल स्त्रोत से पानी भरने के बाद बर्तनों को वाहन में रख गावों तक पहुंचाया जा रहा है। इस प्रक्त्रिया में करीब चौबीस किलोमीटर का सफर तय करना उनकी मजबूरी बन चुका है। गाव से बारह किलोमीटर पातली तथा पातली से वापस बारह किलोमीटर गाव पहुंच किसी तरह व्यवस्था हो रही है। इससे ग्रामीणों में गहरा रोष भी व्याप्त है। ग्रामीणों के अनुसार गाव को गोलागाड़ पेयजल योजना से पानी की आपूर्ति होती थी पर प्राकृतिक स्त्रोत सूखने के कारण अब बूंद-बूंद पानी को तरसना पड़ रहा है। स्थानीय नीमा राणा, पुष्पा राणा, नीलू देवी, धना देवी, शोभा नेगी, भुवन सिंह, शभू जोशी, बालम नेगी, उमेश सिंह बिष्ट आदि ने गावों में टैंकर के माध्यम से पेयजल आपूर्ति किए जाने की माग की है। उनका कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों की उपेक्षा को अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दो टूक कहा कि यदि गाव के लोगों की उपेक्षा की गई तो आदोलन का बिगुल फूंक दिया जाएगा।

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