हिसक गुलदार पकड़ने को पिंजड़े की जगह बदली

संवाद सहयोगी, अल्मोड़ा : ग्रामीण को शिकार बनाने के बाद गुलदार को कैद करने के लिए वन विभाग पशोपेश के दौर से गुजर रहा है। मानव वन्यजीव टकराव के लिहाज से अतिसंवेदनशील इस सीजन में अधिकांश कर्मचारियों के चुनाव ड्यटी में व्यस्त रहने के कारण कांबिंग धीमी पड़ी है। वन क्षेत्राधिकारी संचिता वर्मा ने मौका मुआयना कर हिसक गुलदार को कैद करने के लिए पिंजड़ा अब दूसरी जगह लगा दिया है। अंदेशा है कि ग्रामीणों की घटनास्थल के आसपास गतिविधियां बढ़ने के कारण गुलदार ने रास्ता बदल लिया है।

दरअसल, अक्टूबर से दिसंबर तक गुलदार व मानव टकराव की संभावना बढ़ जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार गुलदारों का प्रजननकाल होने के कारण वह अक्सर हिसक हो जाते हैं। इधर विभागीय सूत्रों ने बताया कि चुनाव ड्यूटी के कारण गुलदार प्रभावित डूंगरी गांव के साथ ही अन्य अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में जरूरत के अनुरूप कांबिंग नहीं हो सकी है। इस मामले में डीएफओ कार्यालय की ओर से बीते रोज प्रशासन को पत्र लिख वाहन व पीआरडी जवान मुहैया कराने का आग्रह किया गया था। इधर वन क्षेत्राधिकारी संचिता वर्मा ने ग्रामीणों के साथ संभावित गुलदार कॉरिडोर का मुआयना किया। बाद में पिंजड़ा दूसरी जगह लगा दिया गया है। डीएफओ कुंदन कुमार ने कहा, वन कर्मियों के चुनाव ड्यूटी में व्यस्त रहने के कारण नियमित कांबिंग व मॉनीटरिंग प्रभावित हुई है। हालांकि उम्मीद जताई कि जल्द गुलदार को कैद कर लिया जाएगा।

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'वन विभाग का पत्र मेरे पास आया था। चुनाव ड्यूटी का हवाला दे वाहन व पीआरडी जवान उपलब्ध कराने के लिए आग्रह किया गया था। चुनाव तीन चरणों में हुए। इसमें अलग अलग कर्मचारियों की ड्यूटी लगी होगी। मतदान के बाद तो चुनाव ड्यूटी कर रहे वन कर्मी अगले दिन फ्री हो गए होंगे।

- सीमा विश्वकर्मा, एसडीएम'

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