वाराणसी में नगर निगम की जोनवार बनी टीम, सूची में 292 जर्जर भवनों को तीन दिन बाद गिराने की कवायद

जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा की सख्ती के बाद वाराणसी नगर निगम प्रशासन ने जर्जर भवनों को लेकर कवायद तेज कर दी है। जोनवार टीम बना दी गई है जो घूम-घूमकर सत्यापन कर रही है। तीन दिन में यह कार्य पूरा कर लेना है।

Saurabh ChakravartyThu, 10 Jun 2021 10:07 PM (IST)
वाराणसी नगर निगम की सूची में कुल 292 जर्जर भवन हैं।

वाराणसी, जेएनएन। जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा की सख्ती के बाद नगर निगम प्रशासन ने जर्जर भवनों को लेकर कवायद तेज कर दी है। जोनवार टीम बना दी गई है जो घूम-घूमकर सत्यापन कर रही है। तीन दिन में यह कार्य पूरा कर लेना है। इस दौरान तस्दीक होगी कि संबंधित भवन स्वामी ने नोटिस के बाद जर्जर भवन गिराया या नहीं। यदि नहीं गिराया होगा तो तीन दिन बाद उसे गिराने की कार्यवाही शुरू की जाएगी। नगर निगम की सूची में कुल 292 जर्जर भवन हैं।

नगर निगम के मुख्य अभियंता सूरज पाल सिंह ने कहा कि जर्जर भवनों को यदि भवन स्वामी नहीं गिराते तो नगर निगम कराने का काम करेगा। इस कार्य में खर्च हुई धनराशि की अदायगी भवन स्वामी को ही करनी होगी। ऐसा नहीं करने पर विधिक कार्यवाही कर वसूली की जाएगी। सूची के आधार पर जर्जर भवनों की बात करें तो सर्वाधिक दशाश्वमेध व कोतवाली जोन में हैं। इसमें एक सौ से अिधक भवन केवल दशाश्वमेध जोन में हैं। वहीं, कोतवाली में 90 से अधिक भवन बताए जा रहे हैं। सबसे कम भवन वरुणापार जोन में हैं। मुख्य अभियंता ने बताया कि ऐसे जर्जर भवनों को गिराने के लिए पूर्व में कई बार भवन स्वामी को नोटिस दी गई है। कई भवनों में किरायेदारी का मसला है जो कोर्ट में लंबित है। कुछ ने कोर्ट से स्टे आर्डर भी ले रखा है। ऐसे भवनाें को गिराने में मुश्किल हो रही है लेकिन अब जनहित को देखते हुए इन भवनों को गिराने का कार्य किया जाएगा। विधिक कार्यवाही पूरी कर भवनों को ध्वस्त कराया जाएगा।

नए भवन के लिए एक योजना परामर्श केंद्र की मांग

पूर्वांचल रियल एस्टेट एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष ईशा दुहन से मुलाकात कर नक्शा संबंधित समस्याओं से अवगत कराया। उपाध्यक्ष ने इसके जल्द निस्तारण का भरोसा दिया। एसोसिएशन के महासचिव एवं क्रेडाई उत्तर प्रदेश के यूथ विंग कोऑर्डिनेटर आकाश दीप ने महानगर योजना में क्षेत्रीय विकास नीति को शामिल करने का अनुरोध किया। उपसचिव आशुतोष सिंह ने वेबसाइट पर भवन उपनियम एवं महायोजना को दो भाषाओं में उपलब्ध कराने की मांग की ताकि रियल इस्टेट से संबंधित सभी जानकारी आनलाइन मिल सके। एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष जीत सिन्हा ने अवैध प्लाटिंग रोकने के संबंध में प्राधिकरण की कार्रवाई को सराहा और वैध प्लाटिंग की प्रक्रिया को सरलीकरण करने की मांग की। ज्वाइंट सेक्रेटरी प्रशांत केजरीवाल ने आयुक्त परिसर में बनने वाले नए भवन के लिए एक योजना परामर्श केंद्र की मांग की। श्रेयांस जैन, शुभम डिडवानिया, राज सिन्हा भी शामिल थे।

 

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