मऊ जिले में यमदूत बनेंगी 276 अमान्य यात्री बसें, मध्यप्रदेश बस हादसे से भी नहीं लिया जा रहा है सबक

बसों से चलने वाले लोग जान हथेली पर रखकर चल रहे हैं।

संभागीय परिवहन विभाग की तरफ से कोई कड़ा कदम नहीं उठाया जाता है तो मध्यप्रदेश के सीधी जैसी दुर्घटना से इंकार नहीं किया जा सकता है। ऐसे में इन बसों से चलने वाले लोग जान हथेली पर रखकर चल रहे हैं।

Abhishek sharmaFri, 26 Feb 2021 07:01 PM (IST)

मऊ, जेएनएन। जनपद में सड़कों पर दौड़ रहे 276 अमान्य प्राइवेट यात्री बस किसी भी समय यमदूत बन सकते हैं। इसमें स्कूली अमान्य बस 195 व प्राइवेट यात्री बस 81 शामिल हैं। अगर समय रहते संभागीय परिवहन विभाग की तरफ से कोई कड़ा कदम नहीं उठाया जाता है तो मध्यप्रदेश के सीधी जैसी दुर्घटना से इंकार नहीं किया जा सकता है। ऐसे में इन बसों से चलने वाले लोग जान हथेली पर रखकर चल रहे हैं। हालांकि स्कूली बसों के लिए शासन की तरफ से 31 मार्च तक फिटनेस मान्य किया गया है। इसे लेकर विभाग व स्कूल प्रबंधकों में संशय की स्थिति है।

वर्तमान समय में जनपद में कुल 175 प्राइवेट यात्री बस संचालित हो रही हैं। इसमें मान्य बसों की संख्या 94 तथा अमान्य बसों की संख्या 81 हैं। यह बसें धड़ल्ले से सड़कों पर दौड़ रही हैं। विभाग की तरफ से अभी तक कोई सकारात्मक पहल नहीं की जा रही है। इसी प्रकार जनपद में कुल स्कूली बसों की संख्या 454 है। इसमें छोटी व बड़ी सारी बसें शामिल हैं। 195 अमान्य तथा 259 मान्य बसें हैं। कोरोना काल के दौरान से ही सारे विद्यालय बंद कर दिए गए थे। इसकी वजह से यह बसें नहीं चल रही थी। अब स्कूल खुल चुके हैं। ऐसे में इन बसों का प्रयोग धड़ल्ले से किया जा रहा है। बीते दिनों मध्य प्रदेश में हुई दुर्घटना के बाद शासन-प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हो गया है।

एडीएम केहरी सिंह ने एआरटीओ एमपी सिंह को पत्र लिखकर ऐसे वाहनों के संचालन पर पूरी तरह से रोक लगाने का निर्देश दिया। इसके बावजूद अभी तक इस तरह की बसों के संचालन पर कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई। इसकी वजह से आए दिन सड़कों पर धड़ल्ले से इन वाहनों को चलते देखा जा रहा है। बिना परमिट के भी तमाम बसें चल रही हैं लेकिन इस पर भी कोई नियंत्रण नहीं है। विभाग इनकी जांच करने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहा है। इसका कयास आसानी से लगाया जा सकता है।

बोले अधिकारी

जल्द ही सड़कों पर प्राइवेट यात्री बसों की चेकिंग की जाएगी। इसमें जो भी बसें अमान्य रूप से चलते हुए पाईं जाएगी, उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। वैसे एडीएम के आदेश का फालो कराया जा रहा है। सभी प्राइवेट स्कूलों को अमान्य बसों को सड़कों पर न उतारने के लिए कहा गया है। -एमपी सिंंह, एआरटीओ मऊ।

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