Hathras सामूहिक दुष्‍कर्म के खिलाफ पीएम के गोद लिए गांव में सड़क पर उतरीं महिलाएं

सैकड़ों लड़कियां और महिलाएं मिर्जामुराद में सड़क पर उतरीं।
Publish Date:Tue, 29 Sep 2020 01:25 PM (IST) Author: Abhishek Sharma

वाराणसी, जेएनएन। प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम नागेपुर व बीरभानपुर में हाथरस में दलित लड़की के साथ हुए सामूहिक दुष्‍कर्म की शिकार पीड़िता के मौत पर दुष्कर्मियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग काशी से उठी। इस मामले को लेकर सैकड़ों लड़कियां और महिलाएं मिर्जामुराद में सड़क पर उतरीं। सामाजिक संस्‍था लोक समिति द्वारा आयोजित  जन आक्रोश रैली में महिलाओं ने मुंह पर काली पट्टी बांधकर छेड़खानी, दुष्‍कर्म, महिला हिंसा के खिलाफ रैली निकाली। नंदघर पर पहुंचकर महिलाएं दुष्कर्मियों को फांसी दो, महिला हिंसा बंद करो, छेड़खानी पर रोक लगाओ, चुप नही रहना है हिंसा नही सहना है, भ्रष्ट सरकार होश में आओ महिलाओं को सुरक्षा दो आदि जोरदार नारे लगाये।

लोगों ने दुष्‍कर्मियों को अविलम्ब सजा देने, पीड़िता के परिवार वालों को मुआवजा व सरकारी नौकरी तथा महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा के लिए प्रधानमंत्री से गुहार लगायी। महिलाओं ने हाथरस की पीड़ित बेटी को श्रद्धांजलि दिया और महिला हिंसा को जड़ से मिटाने का संकल्प लिया। दूसरी तरफ बीरभानपुर गांव में दर्जनों लड़कियों और महिलाओं ने पंचायत भवन पर हाथरस गैंगरेप के खिलाफ प्रदर्शन किया।

गौरतलब हो कि विगत 14 सितम्बर को हाथरस की 19 वर्षीय दलित लयुवती को गांव के ही चार दरिंदो ने सामूहिक दुष्‍कर्म करके जानलेवा हमला कर दिया था इतना ही नही दुष्कर्म करने के बाद  पीड़िता का जीभ भी काट दिया था। जिसके बाद से पीड़िता को अलीगढ़ के एक अस्पताल में वेंटिलेटर पर रखा गया था, करीब दो सप्ताह से जिन्दगी और मौत से जूझ रही पीड़िता का उपचार के दौरान मंगलवार को सफदरगंज अस्पताल में निधन हो गया।

लोक समिति के संयोजक नन्दलाल मास्टर ने कहा कि हाथरस की बेटी को हैवानों ने दुष्‍कर्म करके मार डाला यह केवल एक घटना नहीं है बल्कि हर गांव व शहर में आये दिन लड़कियों और महिलाओं के साथ हिंसा छेड़खानी व दुष्‍कर्म की घटनाएं हो रही हैं, सरकार को इन हैवानों के खिलाफ कठोर कार्यवाही करनी चाहिए। महिला संगठन की संयोजिका अनीता पटेल ने कहा कि महिला हिंसा के खिलाफ आराजी लाईन और सेवापुरी ब्लाक के गांव गांव में नुक्कड़ सभा, रैली, जुलूस, हस्ताक्षर अभियान आदि के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जायेगा। लोक समिति की सोनी ने कहा कि महिलाओं और लड़कियों के साथ आये दिन छेड़खानी और दुष्‍कर्म की घटनाएं हो रही हैं, इसलिए हमें अपनी सुरक्षा की जिम्मेदारी स्वयं अपनी हाथ में लेनी होगी।

महिला संगठन की आशा ने कहा कि गांव में ज्यादातर लोग शराब में डूब चुके हैं। इसका खामियाजा महिलाओं को भुगतना पड़ रहा है महिलाओं के ऊपर होने वाली घरेलू हिंसा, उत्पीड़न, दुष्‍कर्म, मारपीट आदि का सबसे बड़ा जिम्मेदार शराब है। शराब को पूरे प्रदेश में बिहार की भांति बंद करने की मांग की। कार्यक्रम में मुख्य रूप से अनीता, आशा, सोनी, सरोज, मधुबाला, खुशबू, वर्षा कलावती, अंजली, शमबानो, अमित, सीमा, श्यामसुन्दर, विजय, रामबचन, सुनील, पंचमुखी, प्रेमा आदि लोग शामिल रहे। धरने का नेतृत्व महिला लोक समिति संयोजिका अनीता पटेल ने किया।

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