वाराणसी के सारनाथ में एक किलोमीटर परिक्षेत्र के गांवों का होगा विकास, डीपीआर बनाने का काम शुरू

सारनाथ के पुरातात्विक खंडहर परिसर में प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर निरीक्षण करते मंत्री अनिल राजभर व रवींद्र जायसवाल।

प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर व स्टांप शुल्क मंत्री रवींद्र जायसवाल सारनाथ एवं आस पास के क्षेत्र के विकास एवं सुविधाओं को बढ़ाने के उद्देश्य से गुरुवार की शाम को भ्रमण कर किया। इसके लिए डीपीआर बनाने का कार्य शुरू हो गया है।

Publish Date:Thu, 26 Nov 2020 06:16 PM (IST) Author: saurabh chakravarti

वाराणसी, जेएनएन। प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर व स्टांप शुल्क मंत्री रवींद्र जायसवाल सारनाथ एवं आस पास के क्षेत्र के विकास एवं सुविधाओं को बढ़ाने के उद्देश्य से गुरुवार की शाम को भ्रमण कर  किया। इस दौरान उन्‍होंने बताया कि सारनाथ बुद्धा सर्किट के विकास के लिए शासन की ओर से 134 करोड़ रुपये आवंटित कर दिया गया है। इससे सारनाथ पुरातात्विक स्थलों के एक किलोमीटर परिक्षेत्र  में आने वाले गांवों का इंटरनेशनल मानक के अनुसार विकास किया जाएगा। इसके लिए डीपीआर बनाने का कार्य शुरू हो गया है। जल्द ही इस योजना को मूर्त रूप दिया जाएगा।

सारनाथ आकाशवाणी तिराहे पर स्थित महाराज सुहेलदेव पार्क पर कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर व स्टांप शुल्क मंत्री रवींद्र जायसवाल गुरुवार की शाम चार बजे सुहेलदेव पार्क पहुंचकर माल्यार्पण  किया। स्टांप शुल्क मंत्री रवींद्रजायसवाल ने बताया कि सारनाथ  बुद्धा सर्किट के विकास के लिए शासन की ओर से 134 करोड़ रुपये का आवंटन हो गया है। इस राशि से बौद्ध मंदिरों तक पर्यटकों के  जाने के लिए पाथ वे का निर्माण कराया जाएगा। पार्कों का निर्माण  करने के साथ ही सुहेलदेव पार्क के पास दोनों सड़कों पर गेट का निर्माण कराया जाएगा। यहां से शुरू होने वाली दोनों ही सड़कों को रिंग रोड से जोड़ने का कार्य किया जाएगा। रात में सड़कों के दोनों किनारों को रोशन करने के विश्व स्तर की लाइटिंग की जाएंगी। जिससे पर्यटक रात में भी सारनाथ के प्रति आकर्षित हों। कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि सुहेलदेव पार्क का विकास किया जाएगा। इसके लिए सुहेलदेव पार्क व सारनाथ के अन्य क्षेत्र का निरीक्षण किया जा रहा है। इसके लिए स्थानीय लोगों से राय भी मांगा जाएगा। बताया कि बहराइच में महाराजा सुहेलदेव राजभर के संग्रहालय व पार्क का शिलान्यास बसंत पंचमी के दिन उनके जन्मदिन के अवसर पर किया जाएगा। वहां चार सौ लोगों के रुकने के लिए आधुनिक धर्मशाला भी बनाया जाएगा। कहा कि महाराजा सुहेलदेव राजभर व सैय्यद सालार गाजी के बीच चितौर के मैदान में मुकाबला हुआ था। उस स्थल कोभी संरक्षित कर विकसित किया जाएगा। इसके बाद दोनों मंत्री पुरातात्विक खंडहर  परिसर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन स्थल का निरीक्षण किया। अधीक्षण पुरातत्वविद डाक्‍टर नीरज सिन्हा ने विस्तृत रूप से प्रधानमंत्री द्वारा भ्रमण स्थल की जानकारी दी।

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