वाराणसी होलसेल सेंट्रल कंज्यूमर्स कोआपरेटिव स्टोर में बहुत जल्द सभी ब्रांडेड उत्पाद सस्ते दामों में होंगे उपलब्ध

बढ़ती महंगाई के दौर में दी वाराणसी होलसेल सेंट्रल कंज्यूमर्स कोआपरेटिव स्टोर में बहुत जल्द हिमालया बैजनाथ अमूल व पराग के सभी उत्पाद सस्ते दामों में उपलब्ध होंगे। यहां ऐसी कंपनियों के स्टाल लगाने की प्रक्रिया अंतिम दौर में है।

Saurabh ChakravartyThu, 16 Sep 2021 03:14 PM (IST)
वाराणसी होलसेल सेंट्रल कंज्यूमर्स कोआपरेटिव स्टोर में बहुत जल्द सभी ब्रांडेड उत्पाद सस्ते दामों में होंगे उपलब्ध

जागरण संवाददाता, वाराणसी। बढ़ती महंगाई के दौर में दी वाराणसी होलसेल सेंट्रल कंज्यूमर्स कोआपरेटिव स्टोर में बहुत जल्द हिमालया, बैजनाथ, अमूल व पराग के सभी उत्पाद सस्ते दामों में उपलब्ध होंगे। यहां ऐसी कंपनियों के स्टाल लगाने की प्रक्रिया अंतिम दौर में है। सबकुछ ठीक रहा तो आगामी दो महीने में ग्राहकों को इन कंपनियों के सामान मिलने लगेंगे।

दरअसल, बीते एक दशक में बाजार की बदली स्थिति और ग्राहकों की बढ़ती उम्मीद के बीच पनपी प्रतिस्पधार् में दौड़ लगाना चुनौती पूर्ण हुआ है। जटिलताएं बढ़ी हैं। ग्राहकों को अपनी ओर खींचने की कोशिश में निजी स्तर कि बहुतायत कंपनियों ने एक से एक बढ़कर सुविधाएं मुहैया कराई हैं, लेकिन ऐसे हालात में भी कुछ कंपनियां ऐसी हैं जिन्हें अपनी सस्ती दर पर ग्राहकों को लुभा लेने का पूर्ण विश्वास है। दी वाराणसी होलसेल सेंट्रल कंज्यूमर्स कोआपरेटिव स्टोर लिमिटेड के प्रबंधक राजेश चौबे बताते हैं कि अभी कैश में ही खरीद-बिकी की सुविधा उपलब्ध है। हां, ग्राहकों के लिए अच्छी कंपनियों के स्टाल जरूर दो महीने में लग जाएंगे। इसके चलते ग्राहकों को कम दाम पर बेहतर सामान उपलब्ध हो जाएंगे। सोसाइटी लगातार बेहतर करने की ओर अग्रसर है।

महंगाई में कैसे हो रही बचत

बहरहाल, पेट्रोल व डीजल की बढ़ती कीमतों के चलते घरेलू से लेकर अन्य सामानों के दामों में काफी बढ़ोतरी हुई है। इतने में भी एक ही प्रकार के उत्पाद की खरीद पर ग्राहकों को काेआपरेटिव स्टोर में ज्यादा बचत होगी। उदाहरण के तौर पर यहां मौजूद एक कर्मी ने बताया कि बाजार में एक वस्तु की खरीद के मूल्य की तुलना में यहां कोआपरेटिव द्वारा खरीदे गए वस्तु के मूल्य और उसके तीन फीसद को जोड़कर ग्राहकों को बेचा जाता है।  

महंगाई के चलते घटीं जरूरतें 

सामानों की कीमतों में बेतहाशा उछाल के कारण ग्राहकों की जरूरतें इनदिनों घट गई हैं। एक ग्राहक के मुताबिक पहले हर महीने पांच किलों दाल खरीदी जाती थी, लेकिन अब डेढ़ से दो किलो में काम चलाया जा रहा है। यही कारण है कि कोआपरेटिव स्टोर पर हर रोज 20 हजार यानी महीने में छह लाख कारोबार घटकर पांच हजार यानी 15 हजार महीना में सिमट गया है।

जून से अब तक दामों में बदलाव :

वस्तु             - मूल्य (जून से पूर्व)   - अब

खाद्य तेल  -      134                     165

रिफाइंड   -      132                     160

अरहर दाल-       90                     102

चावल     -         25                       32

साबुन     - सभी में दो से चार रुपये की बढ़ोतरी

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