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एक्सपोर्ट हब के रूप में विकसित होगा बनारस, उप मुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा ने दिया वोकल फॉर लोकल बल

वाराणसी, जेएनएन। उप मुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र वाराणसी एक एक्सपोर्ट हब के रूप में विकसित होगा। 'वोकल फॉर लोकल' के तहत लघु व कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए जहां तमाम योजनाएं शुरू की गई है। हस्तशिल्प, साडिय़ां, लकड़ी खिलौने भी बाजार में उपलब्ध कराने का प्रयास जारी है।

वह शुक्रवार को पत्रकारों से ऑनलाइन मुखातिब थे। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के इस दौर में भी आत्मनिर्भर भारत अभियान भारत अपनी आधुनिक पहचान बनाने में सफल रहा है। आत्म निर्भरता के लिए विभिन्न प्रकार की 16 योजनाएं संचालित की गई है। यही नहीं प्रधानमंत्री ने 12 मई को जीडीपी का दस फीसद यानी 1.20 लाख करोड़ के पैकेज की घोषणा की। वहीं वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण पांच बार में अनेक उद्योगों को अनेक रियायतें व ऋण देने की घोषणा कर चुकी है। महात्मा गांधी का सपना 'छोटे उद्योग व ज्यादातर लोगों को कामÓ के सिद्धांत पर सरकार चल रही है। सूक्ष्म व लघु उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए तमाम योजनाएं चलाई जा रही है। इसके अलावा मजदूरों को नवंबर तक मुफ्त राशन देने की व्यवस्था की गई है। वहीं मनरेगा को और प्रभावी बनाया गया है। किसानों को भी रियायती ऋण उपलब्ध कराया जा सकता है। वस्त्र अधिनियम, मंडी कानून को भी और प्रभावी बनाया गया है। स्वदेशी अभियान के तहत  वन-नेशन, वन मार्केट पर तेजी से काम हो रहा है। दूसरी ओर सूबे के सभी जिलों में फोर लेन, सिक्स लेन की सड़कें बनाई जा रही है। एयरपोर्ट की संख्या बढ़ाकर बीस कर दी गई है। नोएडा में जेवर व कुशीनगर में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बनाने का काम तेजी से चल रहा है। टूरिज्म पर भी सरकार का विशेष ध्यान है। धार्मिक नगरों में पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जा रहा है। काशी में सारनाथ को बौद्ध सर्किट व काशी विश्वनाथ धाम का विकास भी जारी है। कहा कि डिफेंस कॉरिडोर बनारस से भी जोड़ा जाएगा। 

मेरिट पर दाखिला लेने के लिए विश्वविद्यालय स्वतंत्र

डिप्टी सीएम डा. दिनेश शर्मा ने कहा कि यूजीसी व मानव संसाधन विकास मंत्रालय की गाइड लाइन के अनुसार स्नातक व स्नातकोत्तर अंतिम वर्ष की परीक्षाएं सितंबर में कराने की योजना है। कहा कि कोविड-19 के प्रकोप को देखते हुए विश्वविद्यालय इस वर्ष स्नातक व स्नातकोत्तर के विभिन्न कक्षाओं में मेरिट पर दाखिला ले सकती हैं। इसके लिए वह पूरी तरह से स्वतंत्र हैं।

उन्होंने कहा कि कोविड-19 को देखते हुए इस वर्ष यूपी बोर्ड में भी कक्षा नौ से 12 तक पाठ्यक्रमों में 30 फीसद कमी कर दी गई है। कहा कि फिलहाल 31 जुलाई तक स्कूल कालेज बंद कर दिए गए हैं। इसे देखते हुए शैक्षिक संस्थानों के अध्यापकों को ऑनलाइन क्लास लेने का निर्देश दिया गया है। वर्चुअल क्लास व वाट्स-एप के माध्यम से भी बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। यही नहीं शैक्षिक चैनल स्वयं प्रभा के माध्यम से भी पढ़ाई जारी है। छात्रों का कम से कम नुकसान हो इस बात का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। कहा कि यूपी बोर्ड में अब एनसीईआरटी की पुस्तकें चलाई जा रही है। ऐसे में जो किताबें पहले 100- 150 रुपये में मिलती थीं, अब  एनसीईआरटी की पुस्तकें सात रुपये से 50 रुपये में मिल रही है। बगैर किसी को जेल में भेजे मॉडल टेक्नोलॉजी से नकल विहीन परीक्षा कराने में भी हम सफल हुए हैं।

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