काष्ठ शिल्प पर दमक रहा राम दरबार, काशी के शिल्पकारों ने कलाकृति में उतारा मर्यादा पुरुषोत्तम का जीवन वृत्तांत

काष्ठ शिल्प पर दमक रहा राम दरबार, काशी के शिल्पकारों ने कलाकृति में उतारा मर्यादा पुरुषोत्तम का जीवन वृत्तांत

वाराणसी में काष्ठ कलाकृतियों के निर्माण में शिल्‍पकार जुटे हैं। प्रभु श्रीराम के जीवनवृत्त के साथ ही लोगों को 25 साल बाद काठ की चूहा गाड़ी जहाज हेलीकॉप्टर आदि देखने को मिलेगी।

Saurabh ChakravartyTue, 25 Aug 2020 10:15 PM (IST)

वाराणसी [वंदना सिंह]। काशी के शिल्पकार श्रीराम के जीवन से जुड़े प्रसंगों पर काष्ठ कलाकृतियों के निर्माण में जुटे हैं। चाइनीज कलाकृतियों के प्रति बढ़ती दूरी इनका उत्साह बढ़ा रही है। यही कारण है कि प्रभु श्रीराम के जीवनवृत्त के साथ ही लोगों को 25 साल बाद काठ की चूहा गाड़ी, जहाज, हेलीकॉप्टर, रेलगाड़ी देखने को मिलेगी। इन कलाकृतियों को लेकर ग्राहकों में भी आकर्षण बढ़ रहा है और ऑनलाइन बाजार में भी मांग है। परंपरागत रंगों से सजे आठ से दस इंच के राम व रावण की काष्ठ कलाकृतियों को बनाने में ये शिल्पकार इसी क्रम में कुछ ऐसे पुराने खिलौने लेकर लौट रहे जो चाइनीज खिलौनों के आगे लुप्तप्राय हो चुके थे। इसमें चूहा गाड़ी भी है। शिल्पकार काष्ठ के हेलीकॉप्टर, जहाज, रेलगाड़ी बनाकर भी नया प्रयोग कर रहे हैं।

मिल रहे हैं आर्डर

नेशनल अवार्डी शिल्पकार रामेश्वर सिंह भेलूपुर स्थित कारखाने में श्रीराम प्रसंग पर आधारित काष्ठ कलाकृतियों को मूर्तरूप दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि चीन के सामान प्रतिबंधित हो जाने का लाभ मिल रहा है। राममंदिर निर्माण व विजयादशमी को देखते हुए श्रीराम से जुड़े वृत्तांत पर कलाकृतियां बना रहे हैं। दिल्ली स्थित डीसी हैंडीक्राफट हमसे कलाकृतियों की डिजाइन मांग रहा है। ऑनलाइन भी खरीदार हैं। लगभग 25 वर्ष पहले बननी बंद हो चुकी चूहागाड़ी लेकर आ रहे। शिल्पकारों को भी नया प्रयोग करने का मौका मिला है। जल्द ही शिल्पकारों की ऑनलाइन बाजार में कलाकृति बिक्री की ट्रेनिंग शुरू होगी। 

इन प्रसंगों पर कलाकृतियां

रामजन्म, विवाह, वनगमन, राम- रावण युद्ध, दस सिर वाला रावण, हाथों में शस्त्र लिए रथ पर सवार रावण, युद्ध के दौरान इंद्र द्वारा भेंट किए गए रथ पर सारथी संग श्रीराम, रामदरबार, वानर सेना, हाथी पर रावण के महारथी सहित संजीवनी बूटी संग काष्ठ के हनुमानजी आदि तैयार किए जा रहे हैं। इसमें इंद्र द्वारा भेजे रथ को भव्य बनाया जा रहा।

गूलर की लकड़ी का उपयोग

कलाकृतियां गूलर की लकड़ी से बन रही हैं जिन पर फैब्रिक कलर का प्रयोग हो रहा। बनारस की काष्ठ कलाकृतियों से जुड़े लाल, पीले, हरे रंगों की परंपरा कायम रखते हुए इन्हेंं संवारा जा रहा। कलाकृतियों के माध्यम से पूरी रामायण को प्रदर्शनी में सजाया जा सकता है।

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