वाराणसी नगर निगम : 846.68 करोड़ रुपये के बजट पर लगी कार्यकारिणी की मुहर,

नगर निगम मुख्यालय में बुधवार को पुनरीक्षित बजट के लिए कार्यकारिणी की बैठक हुई। इसमें नगर निगम व जलकल विभाग के कुल 846.68 करोड़ रुपये के बजट पर कार्यकारिणी की मुहर लगी। कार्यकारिणी सदस्यों ने पहले नगर निगम के पुनरीक्षित बजट पर चर्चा की।

Saurabh ChakravartyWed, 27 Oct 2021 10:23 PM (IST)
नगर निगम मुख्यालय में बुधवार को पुनरीक्षित बजट के लिए कार्यकारिणी की बैठक हुई।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। नगर निगम मुख्यालय में बुधवार को पुनरीक्षित बजट के लिए कार्यकारिणी की बैठक हुई। इसमें नगर निगम व जलकल विभाग के कुल 846.68 करोड़ रुपये के बजट पर कार्यकारिणी की मुहर लगी। कार्यकारिणी सदस्यों ने पहले नगर निगम के पुनरीक्षित बजट पर चर्चा की। इस दौरान वित्तीय वर्ष 2021-22 के मूल बजट 702.30 करोड़ के सापेक्ष पुनरीक्षित बजट 680.83 करोड़ रुपये को स्वीकृति दी। ऐसे ही जलकल विभाग की आय के मूल बजट 164.62 करोड़ को बढ़ाकर पुनरीक्षित बजट 165.85 करोड़ रुपये को पास किया।

कार्यकारिणी बैठक के दौरान कई मदों से हो रही आय में बढ़ोतरी की गई जिसे सदन की बैठक में प्रस्तुत होने वाले मूल बजट में शामिल किया जाएगा। नगर निगम के पुनरीक्षित बजट को लेकर चर्चा के दौरान 17.02 करोड़ की मूल आय में 9.90 करोड़ की हुई बढ़ोत्तरी की गई। वहीं, 51.90 करोड़ के मूल व्यय में 24.67 करोड़ रुपये बढ़ाया गया। बैठक की अध्यक्षता कर रही महापौर मृदुला जायसवाल ने सदस्यों की सहमति पर पुनरीक्षित बजट पर मुहर लगा दी।

सर्वाधिक रोड कटिंग में वृद्धि

नगर निगम कार्यकारिणी के सदस्यों ने रोड कटिंग को गंभीरता से लिया है। आय के इस स्रोत में सर्वाधिक बढ़ोतरी की है। तीन करोड़ रुपये बढ़ाया है। इससे मूल बजट दो करोड़ से बढ़कर पांच करोड़ रुपये हो गया है। ऐसे ही संपत्तियों के नामान्तरण शुल्क में बढ़ोतरी हुई है। आय के इस स्रोत में 50 लाख रुपये बढ़ाया गया है। इस मद के मूल बजट दो करोड़ बढ़कर दो करोड़ 5्र0 लाख रुपये हो गया है। ऐसे ही कान्हा गोशाला एवं बेसहारा पशु आश्रय योजना/ब्याज के मूल बजट एक करोड़ 32 लाख में 80.82 लाख बढ़ाकर दो करोड़ 12 लाख 82 हजार रुपये किया गया।

नगर निगम बजट के इन आय में हुई बढ़ोतरी

-लाइसेंस शुल्क (बीयर व शराब की दुकानों से) : मूल बजट 35 लाख, 15 लाख रुपये आय में वृद्धि कर 50 लाख रुपये किया गया।

-लाइसेंस शुल्क (ज्वलनशील पदार्थ की दुकान) : मूल बजट 10 लाख में पांच लाख रुपये बढ़ाकर हुआ 15 लाख रुपये।

-लाइसेंस शुल्क (होटल, लाज, धर्मशाला आदि) : मूल बजट 15 लाख में पांच लाख बढ़ाकर हुआ 20 लाख रुपये।

-लाइसेंस शुल्क (नर्सिंग होम, अस्तपाल) : मूल बजट 35 लाख में 15 लाख बढ़ाकर हुआ 50 लाख रुपये

-प्रमाण पत्र शुल्क (जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र) : मूल बजट 15 लाख में पांच लाख बढ़ाकर हुआ 20 लाख रुपये।

-दंड और जुर्माना (स्वास्थ्य विभाग) : मूल बजट 70 लाख में 10 लाख बढ़ाकर हुआ 80 लाख रुपये।

-अन्य शुल्क (विज्ञापन शुल्क) : मूल बजट 155 लाख में पांच लाख बढ़ाकर 160 लाख रुपये।

-अन्य शुल्क (नामान्तरण) : मूल बजट 200 लाख में 50 लाख बढ़ाकर हुआ 250 लाख रुपये।

-सेवा प्रशासनिक शुल्क (सड़क क्षति वसूली) : मूल बजट 200 लाख में 300 लाख बढ़ाकर हुआ 500 लाख रुपये।

-प्रारूपों व प्रकाशनों की बिक्री (निविदा) : मूल बजट 75 लाख में 25 लाख बढ़ाकर हुआ 100 लाख रुपये।

-ब्याज (सावधि जमा) : मूल बजट 50 लाख में 200 लाख बढ़ाकर हुआ 250 लाख रुपये।

-बैंक खातों से ब्याज (बचत खाता) : मूल बजट 100 लाख में 50 लाख बढ़ाकर हुआ 150 लाख रुपये।

-विशेष निधियां (हृदय योजना/ ब्याज) : मूल बजट 109.60 लाख में 60.21 लाख बढ़ाकर हुआ 169.81 लाख रुपये।

-डा. एपीजे अब्दुल कलाम सौर पुंज योजना/ब्याज : मूल बजट 300 लाख में 63.94 लाख बढ़ाकर हुआ 363.94 लाख रुपये।

-नगर निगम अनुदान निधि (सीएसआर/ आकास्मिक/ अन्य अनुदान/ ब्याज): मूल बजट 200 लाख में 100 लाख बढ़ाकर हुआ 300 लाख रुपये।

-कान्हा गोशाला एवं बेसहारा पशु आश्रय योजना/ब्याज : मूल बजट 132 लाख में 80.82 लाख बढ़ाकर हुआ 212.82 लाख रुपये।

-कुल मूल बजट 1701.60 लाख में 989.97 बढ़ाकर हुआ 2691.57 लाख रुपये किया गया।

इन मदों में कम की गई आय

-अन्य कर (सिनेमा कर) : मूल बजट 10 लाख में आठ लाख कम कर हुआ दो लाख रुपये।

-लाइसेंस शुल्क (रिक्शा तांगा, नाव आदि) : मूल बजट 15 लाख में 10 लाख कमकर हुआ पांच लाख रुपये।

-लाइसेंस शुल्क (हाथ ठेला, ट्राली आदि) : मूल बजट 10 लाख में पांच लाख कम कर हुआ पांच लाख रुपये।

-उपयोगकर्ता शुल्क (पार्किंग शुल्क) : मूल बजट 200 लाख में 70 लाख कम कर हुआ 130 लाख रुपये।

-जायका योजना/ ब्याज : मूल बजट 600 लाख में 583.26 कम कर हुआ 16.74 लाख रुपये

-नमामि गंगे (योजना/ब्याज) : मूल बजट 500 लाख में 451.14 लाख कम कर हुआ 48.86 लाख रुपये।

-कुल मूल बजट 1335 लाख में 1128.40 कम कर 207.60 लाख रुपये किया गया।

पुनरीक्षित बजट को लेकर चर्चा हुई

पुनरीक्षित बजट को लेकर चर्चा हुई। सदस्यों की सहमति से कई मदों में आय को बढ़ाया गया तो कुछ मदों में आय की धनराशि कम भी की गई। वहीं, व्यय के मदों में बेहतरी के लिए धनराशि को बढ़ाया गया।Ó

मृदुला जायसवाल, महापौर

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