डेंगू की चपेट में वाराणसी का एलआइयू कार्यालय, सात से अधिक कर्मचारी निजी हास्पिटल में करा रहे इलाज

वाराणसी के शहर से लेकर गांव तक लोगों को परेशान करने के बाद डेंगू ने अब एलआईयू व पुलिसकर्मियों को डरा दिया है। गत एक सप्ताह में एलआइयू कार्यालय के सात से अधिक कर्मचारी डेंगू की चपेट में आए जिनका निजी हास्पिटल में इलाज चल रहा है।

Saurabh ChakravartyMon, 13 Sep 2021 09:08 PM (IST)
डेंगू ने अब एलआईयू व पुलिसकर्मियों को डरा दिया है।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। शहर से लेकर गांव तक लोगों को परेशान करने के बाद डेंगू ने अब एलआईयू व पुलिसकर्मियों को डरा दिया है। गत एक सप्ताह में एलआइयू कार्यालय के सात से अधिक कर्मचारी डेंगू की चपेट में आए, जिनका निजी हास्पिटल में इलाज चल रहा है। इसी परिसर में रहने वाले ज्ञानवापी परिसर की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी भी बीमार हैं। डेंगू की दहशत का आलम ये है कि कर्मचारियों ने काम करने के लिए कार्यालय आना बंद कर दिया है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने इसकी पुष्टि नहीं की है।

दरअसल, एलआइयू कार्यालय-काेतवाली परिसर में और आस-पास पेजयल पाइप लाइन में लीकेज है। इसके चलते कई जगहों पर पानी जमा हैं। वहीं छत से लेकर परिसर में कबाड़ की भरमार है। शाम की बात तो छोड़ ही दीजिए, भरी दोपहरी में यहां मच्छर काटने लगते हैं। अपने स्तर से बचाव के प्रयास करने के साथ की कर्मचारियों ने कई बार संबंधित महकमे में शिकायत की। मगर न तो लीकेज ठीक हुई और न ही मच्छरों की समस्या से निजात मिली। जिला मलेरिया अधिकारी शरद चंद पांडेय ने बताया कि सोमवार को कोई पुष्ट मरीज नहीं मिला है। रैपिड जांच में केवल तीन संदिग्ध मिले हैं। जिले में पुष्ट डेंगू मरीजों की संख्या 114 व संदिग्धों की संख्या 1461 है। वहीं मलेरिया के अब तक 106 मरीज मिले हैं। लार्वा रोधी अभियान के तहत कई मोहल्लों में जांच की गई। 18 स्थानों पर एंटी लार्वल का छिड़काव किया गया, तो वहीं 185 घरों में सोर्स रिडक्शन किया गया। 12 गांव में दवा का छिड़काव किया गया तो वहीं 10 में फागिंग कराई गई।

13 मोहल्ले अतिसंवेदनशील घोषित

नगर निगम ने क्षेत्रीय सफाई निरीक्षकों व जिला मलेरिया अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर नगवां, भगवानपुर, चितईपुर, छित्तूपुर, कंदवा, करेबा, मंडुआडीह, सामनेघाट, बालाजी नगर, मारूति नगर, गंगोत्री नगर, शिवपुर व सारनाथ को अतिसंवेदनशील घोषित किया है। दावा है कि डेंगू का प्रकोप देखते हुए नगर आयुक्त प्रणय सिंह के निर्देशन में सघन अभियान चलाया जा रहा है। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. एनपी सिंह ने बताया कि इन क्षेत्रों में एंटी लार्वल की 84 टीमें व फागिंग की 31 टीमें कार्य कर रही हैं।

मलेरिया के भी बढ़े मामले

गांव-मोहल्लों में बजबजाता कूड़ा और गंदगी की शह पर मच्छरों का आतंक जारी है। इससे मलेरिया के भी मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में इससे पीडि़तों की संख्या 94 ही है लेकिन निजी पैथालाजी लैब की रिपोर्ट दूसरी ही कहानी बयान कर रही है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े पिछले साल तब आंकड़े 46 थे जब लोग कोरोना के चलते बेहद सतर्क थे। इस बार गंदगी और बेपरवाही का परिणाम मलेरिया पीडि़तों की बड़ी संख्या के रूप में सामने है।

 

 

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