Varanasi City Weather Update : दस दिन बाद शुरू हो जाएगी गुलाबी ठंड, मानसून की विदाई के बाद न्यूनतम तापमान में गिरावट जारी

मानसून की विदाई के बाद न्यूनतम तापमान में घटते-बढ़ते क्रम में दर्ज की जा रही गिरावट मौसम में बदलाव का संकेत दे रही है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि यह स्थिति इस बार भी शरद ऋतु के समय से आगमन का सूचक है।

Saurabh ChakravartyMon, 11 Oct 2021 06:50 AM (IST)
मानसून की विदाई के बाद न्यूनतम तापमान में घटते-बढ़ते क्रम में दर्ज की जा रही है।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। मानसून की विदाई के बाद न्यूनतम तापमान में घटते-बढ़ते क्रम में दर्ज की जा रही गिरावट मौसम में बदलाव का संकेत दे रही है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि यह स्थिति इस बार भी शरद ऋतु के समय से आगमन का सूचक है। पिछले वर्ष की तरह इस बार भी अक्टूबर के तीसरे सप्ताह के अंत में गुलाबी ठंड दस्तक दे देगी। दो वर्ष पूर्व तक स्थानीय कारणों से मौसम का बिगड़ा कैलेंडर पिछले वर्ष से ठीक राह पर आता नजर आ रहा है। वैज्ञानिकों ने इसे पिछले वर्ष लाकडाउन के कारण शुद्ध हुए वातावरण को कारण बताया था। अनुमान है कि शरद चक्र इस इस वर्ष भी अपने सही समय पर मौजूद रहेगा।

प्रसिद्ध मौसम विज्ञानी व बीएचयू के पूर्व आचार्य प्रो. एसएन पांडेय बताते हैं कि नवंबर से फरवरी तक का मौसम शरद ऋतु का माना जाता है। इस बार वर्षा का चक्र बेहतर रहा। विदा लेते मानसून की बारिश से वातावरण साफ है। कभी-कभी बादलों के टुकड़े नजर आ रहे हैं मगर आसमान साफ होने के कारण धूप काफी तीखी हो रही है। स्थानीय कारणों अपवाद छोड़ दें तो न्यूनतम तापमान लगातार कम होने लगा है। अभी तीन दिनों में ही 1.4 डिग्री तापमान घट गया। आने वाले दिनों में इसे और कम ही होना है, इसकी वजह से आने वाले दस दिनों में सुबह-शाम की ठंड बढ़ जाएगी।

दो दशक पूर्व तक अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में शुरू हो जाती थी गुलाबी ठंड

आज से दो दशक पूर्व तक अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में गुलाबी ठंड का आगमन हो जाता था। नवरात्र में रात में पंडाल दर्शन या रामलीला देखने वाले लोग ऊनी कपड़े पहन कर निकलते थे। प्रो. पांडेय बताते हैं कि बाद में कटते जंगलों, भौतिक विकास, औद्योगिकरण और बढ़ते वाहनों, प्रदूषण आदि के चलते मौसम चक्र प्रभावित हुआ तो वातावरण में बढ़ती कार्बन डाइ आक्साइड, मीथेन आदि गैसों के चलते गर्मी बढ़ी और शरद ऋतु की अवधि सिमटने लगी। स्ट्रीम कंडीशन में वातावरण में स्थानीय परिवर्तन का प्रभाव दिखने लगा। गर्मी में अत्यधिक गर्मी और जाड़े में अत्यधिक ठंड पड़ने लगी।

स्थानीय कारकों का है प्रभाव

प्रो. पांडेय बतात हैं कि स्थानीय कारकों, जिसमें लाकडाउन को भी शामिल किया जा सकता है, जिसकी वजह से वातावरण जरूर कुछ साफ हुआ, मौसम के समय से आने के कारण बने हैं। इसका लाभ पूरी पारिस्थितिकी को मिलेगा।

दस दिनों का तापमान

तिथि अधिकतम न्यूनतम

10 अक्टूबर 35.5 22.6

09 अक्टूबर 34.4 23.1

08 अक्टूबर 31.8 23.8

07 अक्टूबर 34.8 24.0

06 अक्टूबर 34.2 23.6

05 अक्टूबर 32.8 23.8

04 अक्टूबर 34.6 21.0

03 अक्टूबर 34.0 21.4

02 अक्टूबर 27.8 21.4

01 अक्टूबर 29.0 22.4

 

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