वाराणसी स्थित ईरी निदेशक को सस्य विज्ञान क्षेत्र में योगदान पर हैदराबाद में मिला सम्मान

दक्षिणी एशिया क्षेत्रीय केंद्र अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान (ईरी) के निदेशक डा. सुधांशु सिंह को सस्य विज्ञान के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए इंडियन सोसाइटी आफ एग्रोनामी नई दिल्ली की ओर से सम्मानित किया गया है। गणमान्य व्यक्तियों और प्रतिभागियों द्वारा अत्यधिक सराहा गया।

Saurabh ChakravartyFri, 26 Nov 2021 05:43 PM (IST)
वाराणसी स्थित ईरी निदेशक को सस्य विज्ञान क्षेत्र में योगदान पर हैदराबाद में मिला सम्मान

जागरण संवाददाता, वाराणसी : दक्षिणी एशिया क्षेत्रीय केंद्र, अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान (ईरी) के निदेशक डा. सुधांशु सिंह को सस्य विज्ञान के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए इंडियन सोसाइटी आफ एग्रोनामी, नई दिल्ली की ओर से सम्मानित किया गया है। उनको यह सम्मान प्रोफेसर जयशंकर तेलंगाना राज्य कृषि विश्वविद्यालय (पीजेटीएसएयू), राजेंद्रनगर, हैदराबाद में 23 से 27 नवंबर तक आयोजित पांचवीं अंतरराष्ट्रीय एग्रोनामी कांग्रेस (आईएसी) में प्रदान किया गया।

यह सम्मान आइएसए के अध्यक्ष व पीजेटीएसयू के कुलपति प्रो. वी प्रवीण राव, आरएलबीसीएयू झांसी के कुलपति डा. अरविंद कुमार, कंसास स्टेट यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर पीवी वारा प्रसाद, अफ्रीकन पादप पोषण संसथान के महानिदेशक डा. कौशिक मजूमदार, आईएसए सचिव एवं निदेशक डा. विनोद कुमार सिंह, पंजाब कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक डा. यादवेंद्र सिंह की उपस्थित में दिया गया। ईरी के निदेशक डा. सिंह ने सम्मेलन में एग्रोनोमिक इनोवेशनपर व्याख्यान भी दिया। इस मौके पर 1,300 पंजीकृत प्रतिभागियों (भौतिक मोड में 600 व वर्चुअल मोड में 700 सहित) ने प्रतिभाग किया।

इंडियन सोसाइटी ऑफ एग्रोनॉमी ने आईआरआरआई के योगदान की महत्ता पर भी बल दिया तथा कृषि अनुसंधान में महत्वपूर्ण योगदान के लिए संस्थान को सम्मानित किया। सम्मान, डॉ. सुधांशु सिंह ने 24 नवंबर को आरएलबीसीएयू, झाँसी के चांसलर प्रो. पंजाब सिंह तथा पीजेटीएसएयू के कुलपति प्रो वी प्रवीण राव की गरिमामय उपस्थिति में ग्रहण किया।

सम्मलेन ने गणमान्य व्यक्तियों, वैज्ञानिकों, शिक्षकों, और छात्रों के लिए सस्य विज्ञान और फसल विज्ञान के क्षेत्र में नवीनतम तकनीकों, नवाचारों और प्रगति के बारे में सीखने का एक बड़ा मंच प्रदान किया। आईआरआरआई के दक्षिण एशिया क्षेत्रीय केंद्र (वाराणसी), दक्षिण एशिया प्रजनन हब (हैदराबाद), और सीसा-ओडिशा हब (भुवनेश्वर) ने संयुक्त रूप से आईआरआरआई की गतिविधियों, उन्नत तकनीकों, चावल-आधारित उत्पादों, प्रशिक्षण के अवसरों को संयुक्त रूप से प्रदर्शित किया जोकि गणमान्य व्यक्तियों और प्रतिभागियों द्वारा अत्यधिक सराहा गया।

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

Tags
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.