काशी विश्वनाथ कारिडोर में दिखेगी वाराणसी और गंगा, सिटी म्यूजियम में राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद देगी आकार

श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर विस्तारीकरण एवं सुंदरीकरण परियोजना के तहत आकार ले चुके विश्वनाथ धाम में काशी व गंगा के भी दर्शन होंगे। इसमें बाबा दरबार से गंगधार एकाकार नजर आएगी तो देवाधिदेव महादेव की नगरी का इतिहास-भूगोल शास्त्रीय-पौराणिक तथ्यों के साथ जीवंत नजर आएगा।

Saurabh ChakravartySat, 27 Nov 2021 06:10 AM (IST)
श्रीकाशी विश्वनाथ धाम कारिडोर में बनारस गैलरी व सिटी म्यूजियम भी प्रस्तावित है।

वाराणसी, प्रमोद यादव। श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर विस्तारीकरण एवं सुंदरीकरण परियोजना के तहत आकार ले चुके विश्वनाथ धाम में काशी व गंगा के भी दर्शन होंगे। इसमें बाबा दरबार से गंगधार एकाकार नजर आएगी तो देवाधिदेव महादेव की नगरी का इतिहास-भूगोल शास्त्रीय-पौराणिक तथ्यों के साथ जीवंत नजर आएगा। बनारस का संगीत-साहित्य, कला-संस्कृति, खान-पान, पर्व-उत्सव, गलियां, गंगा के घाट, अंदाज-मिजाज से लगायत कल और आज एक स्क्रीन में सिमट आएगा। खास यह कि इसे सिर्फ देखा ही नहीं महसूसा भी जा सकेगा। जैसे गलियों को देखते समय यह उनमें विचरण करने का आभास कराएगा, गंगा के घाटों का ठाठ दिल में उतर जाएगा। इसके लिए परिसर में वर्चुअल एक्सपीरिएंसल म्यूजियम (आभासी प्रायोगिक संग्रहालय) बनाया जाएगा। श्रीकाशी विश्वनाथ विशिष्ट क्षेत्र विकास परिषद इसके लिए राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद की मदद लेगा।

बनारस का दूसरा आभासी म्यूजियम

राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद गंगा किनारे पुरातात्विक महत्व के स्मारक मान महल में आभासी संग्रहालय बना चुका है। लगभग 11 करोड़ रुपये के इस खास प्रोजेक्ट का प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने फरवरी, 2019 में लोकार्पण किया था। इसमें बनारस की मूर्त-अमूर्त धरोहरों को वर्चुअल टेक्नालाजी के जरिए जीवंत किया गया है। दस सेक्शन में विभाजित म्यूजियम में कव्र्ड टीवी स्क्रीन, पेंङ्क्षटग, टच स्क्रीन, प्रोजेक्टर के जरिए समूचे बनारस को दिखाया गया है। इसमें गंगा के घाट, शास्त्रीय संगीत, साड़ी की बुनाई, रामलीला, स्मारक, पान की दुकान आदि तक का थ्रीडी दर्शन कराया जाता है।

सिटी गैलरी व सिटी म्यूजियम से आगे का कदम

श्रीकाशी विश्वनाथ धाम कारिडोर में बनारस गैलरी व सिटी म्यूजियम भी प्रस्तावित है। सिटी म्यूजियम के पास ही आभासी संग्रहालय को भी आकार दिया जाएगा। विशिष्ट क्षेत्र विकास परिषद के आमंत्रण पर बनारस गैलरी व सिटी म्यूजियम के संचालन के लिए तीन-तीन कंपनियां रुचि दिखा चुकी हैं। गैलरी व म्यूजियम विकसित करने व संचालन की जिम्मेदारी देने के लिए फर्म चयन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। इसमें आगे बढ़ते हुए वर्चुअल एक्सपीरिएंसल म्यूजियम को भी जोडऩे का तैयारी है।

अंतिम दौर में बात, जल्द आगे बढ़ेंगे हाथ

विश्वनाथ व गंगा के बिना काशी की कल्पना नहीं की जा सकती। कारिडोर निर्माण से बाबा दरबार से गंगधार एकाकार हो रही है। मंदिर चौक की गैलरी से श्रद्धालु दोनों को एक साथ देख पाएंगे तो वर्चुअल एक्सपीरिएंसल म्यूजियम में समूची काशी का स्पंदन महसूस कर पाएंगे। प्रयास है कारिडोर में आने वाले श्रद्धालु या सैलानी यहां अधिक से अधिक समय बिता सकें। एक ही जगह पर पूरे बनारस का दर्शन पा सकें। वर्चुअल म्यूजियम के लिए राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद से बात अंतिम दौर में है।

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