सात दिन में 637 महिलाओं को लाभ पहुंचाकर वाराणसी ने प्रदेश में हासिल किया तीसरा स्थान

पहली बार गर्भवती होने वाली महिलाओं के बेहतर स्वास्थ्य देखभाल और पोषण के लिए प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना संचालित की जा रही है। योजना को गति देने के लिए प्रदेश भर में एक से सात सितंबर तक मातृ वंदना सप्ताह मनाया गया।

Saurabh ChakravartySun, 12 Sep 2021 07:41 PM (IST)
महिलाओं के बेहतर स्वास्थ्य देखभाल और पोषण के लिए प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना संचालित की जा रही है।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। पहली बार गर्भवती होने वाली महिलाओं के बेहतर स्वास्थ्य देखभाल और पोषण के लिए प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना संचालित की जा रही है। योजना को गति देने के लिए प्रदेश भर में एक से सात सितंबर तक मातृ वंदना सप्ताह मनाया गया। इन सात दिनाें में न केवल जनपद ने शानदार प्रदर्शन किया, बल्कि 600 से अधिक महिलाओं को लाभ पहुंचाकर प्रदेश में तीसरा स्थान भी हासिल किया।

संक्रमण का डर समाप्त होने के बाद स्वास्थ्य महकमे ने अन्य सेवाओं की बेहतरी का प्रयास किया। सीएमओ डा. वीबी सिंह ने बताया कि जनसामान्य तक ज्यादा से ज्यादा योजना का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है और स्वास्थ्य, पोषण एवं स्वच्छता को लेकर लोगों को जागरुक बनाया जा रहा है। मातृ वंदना सप्ताह के दौरान गर्भवती को उचित आराम व पोषण की जरूरत के बारे में समझाया गया। साथ ही नियमित प्रसव पूर्व देखभाल की जरूरत बताई गई। एसीएमओ एवं नोडल अधिकारी डा. एके मौर्य ने बताया कि एक से सात सितंबर तक चले पीएमएमवीवाई साप्ताहिक अभियान में शहरी क्षेत्रों की 637 महिलाओं को लाभ पहुंचाकर जनपद वाराणसी ने प्रदेश में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। जनवरी वर्ष 2017 से शुरू हुई इस योजना से अब तक करीब 70214 महिलाओं को लाभान्वित किया जा चुका है। बताया योजना से संबंधित लाभ व अन्य जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर- 7998799804 पर काल किया जा सकता है।

तीन किश्तों में दिए जाते हैं पांच हजार

पीएमएमवीवाई के अंतर्गत पहली बार गर्भवती होने पर पात्र लाभार्थी को तीन किश्तों में 5000 रुपये दिए जाते हैं। इसके तहत पंजीकरण के लिए गर्भवती और उसके पति का कोई पहचान पत्र या आधार कार्ड, मातृ-शिशु सुरक्षा कार्ड, बैंक पासबुक की फोटो कापी जरूरी होती है। पंजीकरण के साथ ही गर्भवती को प्रथम किश्त के रूप में 1000 रुपये सीधे उनके बैंक खाते में डीबीटी के तहत भेज दिए जाते हैं। वहीं प्रसव पूर्व कम से कम एक जांच होने और गर्भावस्था के छह माह बाद दूसरी किश्त के रूप में 2000 रुपये और बच्चे के जन्म का पंजीकरण होने और बच्चे के प्रथम चक्र का टीकाकरण पूरा होने पर धात्री महिला को तीसरी किश्त के रूप में 2000 रुपये दिए जाते हैं।

 

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