वाराणसी में ट्रैवल कारोबार ने लिया खूनी रंग, कमाई में हिस्‍से को लेकर वर्चस्‍व की बढ़ रही जंग

पिछले एक दशक में कैंट रोडवेज और कैंट स्टेशन के इलाके ट्रैवल हब के रूप में विकसित हो चुके हैं। यहां हर दिन एक नया बुकिंग काउंटर खोलने की होड़ मची हुई है। डग्गामारी की गाढ़ी कमाई नई पीढ़ी को खूब रास आ रही है।

Abhishek SharmaFri, 23 Jul 2021 10:23 AM (IST)
कैंट रोडवेज और कैंट स्टेशन के इलाके ट्रैवल हब के रूप में विकसित हो चुके हैं।

वाराणसी, जागरण संवाददाता। पिछले एक दशक में कैंट रोडवेज और कैंट स्टेशन के इलाके ट्रैवल हब के रूप में विकसित हो चुके हैं। यहां हर दिन एक नया बुकिंग काउंटर खोलने की होड़ मची हुई है। डग्गामारी की गाढ़ी कमाई नई पीढ़ी को खूब रास आ रही है। खास यह है कि इस धंधे में बाहुबल दिखाकर ही इंट्री मिलती है। इस खींचतान में मारपीट की घटनाओं ने क्षेत्र का माहौल ही बदल गया। खास बात है कि इस धंधे में वर्चस्व की लड़ाई के मामले थाने और चौकी पर सुलह समझौते के साथ खत्म हो जाते हैं, लेकिन कुछ ही दिनों बाद वही कहानी दोहराई जाती है।

काशी विद्यापीठ के पूर्व छात्र नेता पर हुए जानलेवा हमले में यही वाकया सामने आया। साथ ही क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल भी खड़े हुए। इलाकाई पुलिस ने राहुल राज और आजाद सोनकर के बीच वर्चस्व की लड़ाई को गंभीरता से लिया होता तो घौसाबाद की घटना नही होती। छात्र राजनीति के बाद बस के धंधे में दखल देने के बाद पूर्व छात्र नेता एक छत्र राज कायम करना चाहता था। इसी बात को लेकर राजनीति और मारपीट के साथ ही खूनी रंग देने की तैयारी थी। 

लाकडाउन के बाद धंधे में बढ़ी खींचतान : लाकडाउन के बाद प्रभावित ट्रेनों के परिचलन का सबसे ज्यादा फायदा बस आपरेटरों ने उठाया। लिहाजा, प्रभावित रूट पर बसों का संचालन शुरु हो गया। ऐसे में रोडवेज और कैंट स्टेशन इलाके से संचालित ट्रैवल एजेंटों की आमदनी भी बढ गई। लोग गाढ़ी कमाई से आकर्षित हुए।

मामला उजागर मगर जड़ मौजूद : ट्रैवल आफिस के विवाद में काशी विद्यापीठ छात्रसंघ के पूर्व उपाध्यक्ष राहुल राज को गोली मारकर घायल किया गया था। कैंट पुलिस ने गत 13 जुलाई की रात घौसाबाद में हुई इस वारदात का राजफाश किया। इस मामले में पांच आरोपितों ने वारदात की साजिश रची थी। इस संबंध में गुरुवार को मलदहिया पानी टंकी निवासी मुख्य आरोपित आजाद सोनकर, ढेलवरिया, चौकाघाट निवासी शनि कन्नौजिया व लच्छीपुरा, नदेसर निवासी विमलेश कुमार उर्फ सोनू को गिरफ्तार किया गया। इनके कब्जे से वारदात में प्रयुक्त आटो रिक्शा बरामद किया गया। पुलिस इस मामले में फरार दो अन्य आरोपितों मयंक गुप्ता व संदीप सोनकर की तलाश में दबिश दे रही है।


वारदात के पीटे आरोप गंभीर : एसीपी कैंट अभिमन्यु मांगलिक ने कैंट थाने में मीडिया के समक्ष आरोपितों को पेश किया। पूछताछ में मुख्य आरोपित आजाद ने पुलिस को बताया कि वह रोडवेज से चौकाघाट तक नंबर टेकरी का काम करता था। उसने एक आफिस श्रीराम कांप्लेक्स रोडवेज के पास किराए पर लिया था। उसे पूर्व छात्र नेता राहुल राज ने जबरदस्ती कब्जा कर लिया था। इतना ही नहीं राहुल ने उस पर सिगरा थाने में रंगदारी व जान से मारने की धमकी देने का मुकदमा दर्ज करा दिया था। उसके हर कार्यों में वह दखलंदाजी देता था।

कमीशन का खेल : कुल बीस फीसद कमीशन पर सवारी पहुंचाते थेपूछताछ में आरोपित ने बताया कि रोडवेज पर कई बस संचालकों से 20 प्रतिशत कमीशन पर सवारियों को बसों में टिकट के माध्यम से पहुंचाया जाता था। इससे बहुत पैसा मिलता था। कुछ माह पूर्व राहुल राज भी यही काम करने लगा। साथ ही उसे परेशान करने लगा। करीब 15 दिन पहले चौकाघाट लकड़ी मंडी हनुमान मंदिर के बगल में आरोपित मयंक की सहायता से नंदी ट्रैवल्स के नाम से आफिस खोला। वहां भी राहुल राज व उसके साथी परेशान करने लगे। इससे आजिज आकर उसने राहुल राज का काम लगाने की साजिश रची।

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