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वाराणसी में परिवहन निगम के बेड़े में इलेक्ट्रिक बसों का इंतजार, चार्जिंग प्‍वाइंट बनने में अड़चन

कार्यदायी संस्था को इलेक्ट्रिक बस का चार्जिंग प्वाइंट बनाने के लिए कार्यदायी संस्था को पैसा दे दिया गया है।

परिवहन निगम अधिकारी का कहना है कि कार्यदायी संस्था को इलेक्ट्रिक बस का चार्जिंग प्वाइंट बनाने के लिए कार्यदायी संस्था को पैसा दे दिया गया है। इलेक्ट्रिक चार्जिंग प्वाइंट तैयार होते ही बसों को कंपनी से ले लिया जाएगा। अभी लेने से कोई फायदा नहीं है।

Abhishek SharmaFri, 14 May 2021 01:03 PM (IST)

वाराणसी, जेएनएन। बढ़ते प्रदूषण को लेकर परिवहन मंत्रालय का इलेक्ट्रिक बसों को चलाने पर पूरा जोर है लेकिन बनारस में इलेक्ट्रिक बसों के चार्जिंग प्वाइंट बनने में विलंब होने के चलते पिछले एक साल से संचालन नहीं हो पा रहा है। इलेक्ट्रिक बस बनाने वाली कंपनी लगातार क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय में संपर्क कर बसों को देने की बात कर रही है लेकिन स्थानीय अधिकारी लेने से मना कर रहे हैं। जबकि, बनारस में पिछले साल अप्रैल से इलेक्ट्रिक बसों का संचालित करने का आदेश है। कंपनी की टीम जनवरी माह में इलेक्ट्रिक बस चार्जिंग प्वाइंट देखने आई थीऔर विलंब होने पर नाराजगी जाहिर की थी।  

उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की ओर से मिर्जामुराद में बन रहे सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज के इलेक्ट्रिक बस चार्जिंग स्टेशन का काम शुरू होने को लेकर कई बार जमीन विवाद रहा। जनवरी और फरवरी में काम में तेजी आई थी लेकिन कोरोना संक्रमण फिर आने के साथ रफ्तार धीमी हो गई है। बनारस में बढ़ते वायु प्रदूषण पर अंकुश लगाने व ईंधन (डीजल) की बचत के लिए इलेक्ट्रिक बसें चलाई जानी है। प्लेटफार्म बनकर तैयार हैं। चार्जिंग डिपो बनते ही शहर की सड़को पर बसें दौड़ने लगेंगी।

बस चार्जिंग स्टेशन बनाने के लिए पहली किश्त 12. 30 करोड़ रुपये कार्यदायी संस्था को दे दी गई है। दूसरी किस्‍त भी जल्द कार्यदायी संस्था को मिल जाएगी। इस काम को उत्तर-प्रदेश जल निगम के कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज करा रहा हैं। मिर्जामुराद के गौर गांव में ग्राम पंचायत द्वारा वर्ष 2019 में हाइवे किनारे इलेक्ट्रिक बस चार्जिंग डिपो बनाने का प्रस्ताव आराजी नंबर 93 रकवा 0.745 से 0.635 हेक्टेयर (करीब 53 बिस्वा) जमीन परिवहन निगम को मिला है।

इस बारे में परिवहन निगम अधिकारी का कहना है कि कार्यदायी संस्था को इलेक्ट्रिक बस का चार्जिंग प्वाइंट बनाने के लिए कार्यदायी संस्था को पैसा दे दिया गया है। इलेक्ट्रिक चार्जिंग प्वाइंट तैयार होते ही बसों को कंपनी से ले लिया जाएगा। अभी लेने से कोई फायदा नहीं है।

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