वाराणसी में ग्रामीण क्षेत्र के व्यापारियों ने कहा - हमसे न लिया जाए कुछ समय तक जिला पंचायत का टैक्स

जिला उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष एनपी जायसवाल और जिला उपाध्यक्ष संतोष सिंह ने मंगलवार को संगठन से जुड़े ग्रामीण क्षेत्र के व्यापार मंडल के पदाधिकारियों से संवाद किया। इसमें व्यापारियों ने गुहार लगाई कि कुछ समय तक हमसे जिला पंचायत का टैक्स न लिया जाए।

Abhishek SharmaTue, 13 Jul 2021 04:20 PM (IST)
व्यापारियों ने गुहार लगाई की कुछ समय तक हमसे जिला पंचायत का टैक्स न लिया जाए।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। जिला उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष एनपी जायसवाल और जिला उपाध्यक्ष संतोष सिंह ने मंगलवार को संगठन से जुड़े ग्रामीण क्षेत्र के व्यापार मंडल के पदाधिकारियों से संवाद किया। इसमें व्यापारियों ने गुहार लगाई कि कुछ समय तक हमसे जिला पंचायत का टैक्स न लिया जाए। कारण कि कोरोना महामारी में हमारा व्यापार टूट चुका है। लग्न की पूरी कमाई को कोरोना ने चौपट कर दिया।

ईंधन के दामों में वृद्धि होने से माल भाड़ा बढ़ गया है। जिससे दुकान का खर्चा निकालना मुश्किल हो गया है। कोरोना की मंदी से उबरने के लिए हमें कुछ समय तक जिला पंचायत के कर से राहत दी जाए। व्यापारियों से संवाद के बाद जिला उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने ग्रामीण क्षेत्रों के व्यापारियों की समस्याओं को जिलाधिकारी के समक्ष रखने का विचार किया है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग किया है कि व्यापारियों की समस्याओं को देखते हुए उन्हें कुछ समय के लिए राहत दिया जाए। साथ ही यह भी तय हुआ कि

ग्रामीण क्षेत्रों में जो व्यापारी जीएसटी में पंजीकृत हो चुके हैं। उनसे जिला पंचायत का कर न लिया जाए।

व्यापारियों को कोरोना की मंदी के कारण जीएसटी भुगतान करने में मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में वह जिला पंचायत अधिकारियों की कार्यशैली से परेशान हैं। जिला पंचायत के कुछ अधिकारी आए दिन ग्रामीण क्षेत्र के बाजारों में जाकर जिला पंचायत कर के नाम पर रसीद काट रहे हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्र का व्यापारी वर्ग परेशान है। बैठक में यह भी निर्णय हुआ कि यदि जिला प्रशासन व्यापारियों की समस्याओं का समाधान नहीं किया तो जल्द ही इस मामले को लेकर वाराणसी व्यापार मंडल का एक प्रतिनिधि मंडल डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित ज्ञापन सौंपेगा। जिला उद्योग व्यापार मंडल जिला प्रशासन से मांग करता है कि जीएसटी में पंजीकृत व्यापारियों से जिला पंचायत का शुल्क न लिया जाए।

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