कर्ज चुकाने के लिए युवक की हत्या कर लूटा माल, सर्विलांस के माध्यम से पुलिस हत्यारोपितों तक पहुंची

अहरौरा के अंकुर ढाबा ढाबा से लापता हुए चालक अमरदीप केशरी 30 पुत्र विजय केशरी निवासी सिकंदरपुर थाना चकिया जनपद चंदौली को उसके ही साथी सागर ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर 16 सितंबर की रात हथौड़ी से हमला कर हत्या की थी।

Saurabh ChakravartyThu, 21 Oct 2021 06:48 PM (IST)
मीरजापुर पुलिस लाइन सभागार में पकड़े गए हत्यारोपितों के बारे में मीडिया कर्मियों को जानकारी देते एसपी।

जागरण संवाददाता, मीरजापुर। अहरौरा के ढाबा से लापता हुए चालक अमरदीप केसरी (30) पुत्र विजय केसरी निवासी सिकंदरपुर थाना चकिया जनपद चंदौली को उसके ही साथी सागर ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर 16 सितंबर की रात हथौड़ी से हमला कर हत्या की थी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपित उसकी पिकअप लूट ले गए थे। घटना को छिपाने के लिए हत्यारोपितों ने शव को अहरौरा के हनुमान घाटी के एक झाडी में फेंक दिया था।

पुलिस लाइन में हत्या व लूटकांड का राजफाश करते हुए पुलिस अधीक्षक अजय कुमार सिंह ने गिरफ्तार हत्यारोपितों सहित सामान खरीदने वाले आरोपित को जेल भेजने का निर्देश दिया। साथ ही पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि मां वैष्णो ट्रांसपोर्ट कंपनी के मालिक पवन सिंह निवासी भिटारी लोहता वाराणसी ने अहरौरा थाने में 16 सितंबर को तहरीर दी थी। बताया कि उनका चालक अमरदीप उर्फ आशु (10) सितंबर को ट्रांसपोर्ट से अपने पिकअप पर पेंट व वालपुट्टी लोड करके जौनपुर के जलालपुर से ओबरा कोन सोनभद्र के लिए निकला था, लेकिन अभी तक वहां पहुंचा नहीं है। तहरीर के आधार पर पुलिस ने आशु के गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी। 17 सितंबर को उसकी पिकअप क्षेत्र के ढाबा के पास बरामद हुई लेकिन पिकअप पर माल नहीं था। यह देख पुलिस को किसी अनहोनी होने की आशंका हुई। क्राइम ब्रांच प्रभारी राम स्वरूप वर्मा, अहरौरा थाना प्रभारी गिरेंद्र कुमार राय, दारोगा दीपू यादव ने घटना की छानबीन की तो सागर कुमार प्रजापति पुत्र श्यामू निवासी सिकंदरपुर चंदौली द्वारा आशु को फोन कर बुलाने की जानकारी मिली।

सागर को पुलिस ने उठाकर पूछताछ की ताे घटना खुल गई। आरोपितों ने बताया कि सुनील प्रजापति पुत्र रामू निवासी सिंकदरपुर जलालपुर ने आशु से दस हजार रुपये कर्ज लिया था जिसे वह मांग रहा था। इसके अलावा शुभम प्रजापति व सुनील के ऊपर 80 हजार रुपये का कर्ज था। यह देख तीनों ने प्लान बनाया कि वे लोग आशु को मारकर उसका माल बेच देते हैं तो उनका कर्ज भी चुकता हो जाएगा और किसी को उनको शक भी नहीं होगा। सागर ने दस सितंबर को आशु को फोन कर अंकुर ढाबा पर दावत देने के लिए बुलाया। वहां आने पर सभी ने एक साथ शराब पी। इसके बाद घर के लिए निकले। अहरौरा के हनुमान घाटी के पास पहुंचकर बाथरूम जाने के लिए रूके। जैसे ही आशु बाथरूम के लिए खड़ा हुआ, उसी दौरान सुशील और सागर ने बोल्डर व हथौड़ी से वार कर हत्या कर दी। इसके बाद पिकअप लदे माल को शुभम जायसवाल निवासी बरियार चेतगंज वाराणसी को 25 हजार रुपये में बेच दिया। रुपये मिलने पर सभी आपस में रुपये मं बांट लिए। पुलिस ने आरोपितों की निशानदेही पर हनुमानघाटी से चालक के शव के कंकाल को बरामद कर लिया। हथौड़ी भी बरामद कर ली है।

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