वाराणसी में झारखंड की तीन नाबालिग लड़कियों को नौकरी का झांसा, एक किशोरी संग दुष्‍कर्म

रांची की रहने वाली तीन लड़कियों को कैद में रखकर प्रताड़ित करने का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करके लड़कियों को छुड़ाया तो पूरी वारदात सामने आई। रांची पुलिस ने इस बाबत बताया कि आरोपित ने तीन नाबालिगों को वाराणसी में नौकरी दिलाने का झांसा दिया था।

Abhishek SharmaFri, 23 Jul 2021 09:53 AM (IST)
सामाजिग संगठन और पुलिस ने कार्रवाई करके लड़कियों को छुड़ाया तो पूरी वारदात सामने आई।

वाराणसी/रांची, इंटरनेट डेस्‍क। झारखंड की रहने वाली तीन नाबालिग लड़कियों को वाराणसी में काम दिलाने का झांसा देकर एक युवक द्वारा एक किशोरी संग दुष्‍कर्म करने की वारदात सामने आई है। रांची की रहने वाली तीन लड़कियों को कैद में रखकर प्रताड़ित करने का मामला सामने आने के बाद रांची पुलिस ने कार्रवाई करके लड़कियों को छुड़ाया तो पूरी वारदात सामने आई। रांची पुलिस ने इस बाबत बताया कि आरोपित ने तीन नाबालिगों को वाराणसी में नौकरी दिलाने का झांसा दिया था।

कुछ दिनों पूर्व झारखंड में तीन नाबालिग लड़कियों को वाराणसी में नौकरी दिलरने का झांसा देकर कथित तौर पर सभी को बहला-फुसलाकर तीनों को ले जाया गया और अज्ञात लोगों ने इस दौरान उनके साथ दुष्कर्म भी किया। रांची में सांगा गांव के पास रहने वाली तीनों लड़कियों को वाराणसी में नौकरी दिलाने का वादा किया गया था और इसी बहाने उनके घरों से उनको नौकरी का झांसा देकर उत्‍तर प्रदेश ले जाया गया और उनको ईंट भट्ठों पर काम करने के लिए मजबूर किया गया।

वाराणसी से गोंडा तक का सफर : रांची पुलिस सूत्रों के अनुसार गोंडा के मनकापुर क्षेत्र के बेनीपुर गांव में ईंट के भट्टे से तीन लड़कियों को छुड़ाया गया था। इसके बाद उन्हें पिथौरिया रेलवे स्टेशन ले जाया गया। लड़कियों की दर्दनाक परीक्षा तब सामने आई जब उनमें से एक ने आरोपी पर दुष्‍कर्म करने और मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया। इस दौरान लड़कियों को ईंट भट्ठे पर भी ले जाया गया और परिवार से संपर्क होने ही नहीं दिया गया। इस बाबत लड़कियों का आरोप है कि आरोपी उन्हें कांके के सुकुरहुतु स्थित एक घर में ले गए। इस घर में रोशन कुमार नाम के एक व्‍यक्ति ने एक लड़की के साथ दुष्‍कर्म भी किया। इसके बाद ठीक अगले दिन आरोपी तीनों लड़कियों को लेकर वाराणसी के एक ईंट भट्ठे पर भी गया।

सामाजिक संगठन ने किया प्रयास : इसके बाद तीन लड़कियों में से एक ने रोशन कुमार से अपने माता-पिता को फोन करने की बात कही तो सिम कार्ड फेंक दिया गया। इस बीच रांची में लड़कियों के माता -पिता बेटियों से संपर्क न हो पाने की वजह से चिंतित हो गए और उन्होंने रांची में एक सामाजिक संगठन (आइएफआइ) को सूचित किया। जब संगठन को मामले की जानकारी हुई तो उन्होंने तीनों लड़कियों को छुड़ाया और दलदल से सभी को सुरक्षित निकाल लिया।

बंधुआ मजदूरों के साथ मारपीट आम बात : रांची पहुंची तीनों लड़कियों ने मामला उजागर किया और बताया कि झारखंड और अन्य राज्यों की कई महिलाएं वाराणसी में ईंट भट्टों पर बंधुआ मजदूर के रूप में काम करती हैं और उनके साथ लगातार मारपीट की जाती है। वहीं बयान के आधार पर अन्य बंधुआ मजदूरों को भट्ठे से छुड़ाने के लिए जांच और प्रयास शुरू कर दिया गया है। 

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