मऊ में बनने वाले common facility center में चयनित कपड़ा उद्योग का अपना होगा बाजार

मऊ के परदहां में 684.19 लाख रुपये की लागत से कॉमन फैसिलिटी सेंटर(सीएफसी) की स्थापना होगी।
Publish Date:Mon, 28 Sep 2020 06:05 AM (IST) Author: Abhishek Sharma

आजमगढ़ [अनिल मिश्र]। एक जिला, एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना के तहत चयनित मऊ कपड़ा उद्योग का अपना बाजार होगा। रेशमी साड़ी के लिए प्रसिद्ध मऊ के परदहां में 684.19 लाख रुपये की लागत से कॉमन फैसिलिटी सेंटर(सीएफसी) की स्थापना होगी। परियोजना की डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) शासन को भेज दी गई है। क्लस्टर में लगभग 60000 पावरलूम लगभग 141000 बुनकरों को रोजगार देते हैं। ये इकाइयां संगठित नहीं हैं। इसलिए कोई संगठित क्लस्टर नहीं है, जिसका कोई प्रत्यक्ष निर्यात नहीं है। इसलिए मऊ और आसपास के समूहों के बुनकरों की सुविधा के लिए ओडीओपी योजना के तहत सीएफसी का प्रस्ताव भेजा गया है। 

उन्नत डिजाइन केंद्र की सुविधाएं

एक डिजाइन हाउस की प्राथमिक भूमिका में नवीनतम डिजाइन के रुझानों की पहचान करना, उन्हें ग्राहक की जरूरतों के अनुसार अपनाना और उत्पादन में एक रूपता लाने के लिए विभिन्न पुनरावृत्तियों, परीक्षण और समीक्षा गतिविधियों को पूरा करना होगा। डिजाइन सेंटर नवीनतम मशीनरी से सुसज्जित होगा, जिसमें वारपर, रैपियर करघे, मल्टी हेड कढ़ाई मशीन, डिजाइनिंग के लिए उन्नत सॉफ्टवेयर आदि उपकरण होंगे।

गुणवत्ता परखने को प्रयोगशाला

कच्चे और तैयार माल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए एक परीक्षण प्रयोगशाला,कपड़ा उत्पादों के विनिर्माण में परीक्षण गतिविधि को बढ़ावा देने के लिए सुविधा प्रस्तावित है। ये सुविधाएं निर्यात बाजार को लक्षित करने के साथ-साथ घरेलू बाजारों में प्रीमियम उत्पादों की बिक्री को पूरा करेंगी। कपड़ा उत्पादों के बंद कपड़े को ग्राहक द्वारा आवश्यक विनिर्देश के अनुसार उत्पाद को प्रमाणित करने के लिए परीक्षण होगा।

टेस्‍िटंग लैब

टेस्‍िटंग लैब आधुनिक मशीनों से लैस होगी। स्टेकहोल्डर्स को अग्रिम परीक्षण मुहैया कराएगी, जो निर्यात खरीदारों द्वारा मांग की जाती है।  किए जाने वाले प्रमुख परीक्षण रंग और रगड़ें स्थिरता, यार्न समता, मोड़, शक्ति, जीएसएम आदि शामिल हैं।

परियोजना का सार

मानव निर्मित वस्त्र अनुसंधान और बाजार संघ परियोजना के सदस्यों की संख्या 42 है। प्रारंभिक अनुमोदन 17 दिसंबर 2019 को किया गया। डीपीआर की तैयारी इसी 31 मई को की गई।

मऊ के कपड़ा उद्योग और रेशमी साड़ी कारोबार से जुड़े व्यापारियों एवं बुनकरों आर्थिक विकास के लिए कामन फैसिलिटी सेंटर का प्रस्ताव बना था। डीपीआर शासन को भेज दी गई है।

-रंजन चतुर्वेदी, संयुक्त आयुक्त उद्योग, मंडल आजमगढ़।

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