बीएचयू के सेंट्रल लाइब्रेरी में मिले दस कोरोना संक्रमित, फिर भी सुरक्षा के लिए उपाय नहीं

बीएचयू के सेंट्रल लाइब्रेरी में मिले दस कोरोना संक्रमित

विश्वविद्यालय के केंद्रीय ग्रंथागार में इसे लेकर सावधानी के कोई उपाय नहीं नजर आते। रोजाना लगभग दो हजार छात्र-छात्राओं व लगभग 200 स्टाफ आता है। लाइब्रेरी में सैनिटाइजेशन छात्र-छात्राओं के बैठने-पढ़ने और मिलने-जुलने के तौर-तरीकों में शारीरिक दूरी के नियमों का उल्लंघन लाख प्रयास के बावजूद भी होता ही है।

Saurabh ChakravartyFri, 16 Apr 2021 12:10 AM (IST)

वाराणसी, जेएनएन। काशी हिंदू विश्वविद्यालय के केंद्रीय पुस्तकालय के तीन अधिकारी और सात कर्मचारियों समेत 10 लोगों की रिपोर्ट गुरुवार को पाजिटिव आने से पुस्तकालय के अन्य कर्मचारियों व अधिकारियों में सिहरन दौड़ गई। इससे पुस्तकालय में प्रतिदिन आने वाले लगभग दो हजार छात्र-छात्राओं के भी संक्रमित होने की आशंका ने सबको हिलाकर रख दिया है।

वैश्विक महामारी कोरोना की लहर चहुंओर चल रही है। इससे सभी प्रभावित हैं। काशी हिंदू विश्वविद्यालय के अधिकांश शिक्षक, कर्मचारी, उनके परिजन, छात्र-छात्राएं तथा पूर्वांचल के एम्स कहे जाने वाले विश्वविद्यालय के सर सुंदर लाल चिकित्सालय के अधिकांश स्टाफ तक संक्रमित हो चुके हैं। इस हालात में भी विश्वविद्यालय के केंद्रीय ग्रंथागार में इसे लेकर सावधानी के कोई उपाय नहीं नजर आते। यहां अभी भी रोजाना लगभग दो हजार छात्र-छात्राओं व लगभग 200 स्टाफ आता है। लाइब्रेरी में सैनिटाइजेशन, छात्र-छात्राओं के बैठने-पढ़ने और मिलने-जुलने के तौर-तरीकों में शारीरिक दूरी के नियमों का उल्लंघन लाख प्रयास के बावजूद भी होता ही है। कभी-कभी तो कुछ चेहरे बिना मास्क के भी दिख जाते हैं। ऐसे में इस महामारी काल में केंद्रीय विश्वविद्यालय के कोविड-19 के संक्रमण की धुरी बन जाने की आशंका बलवती हो गई है। इसे लेकर छात्र-छात्राओं में असुरक्षा की भावना बढ़ गई है।

आनलाइन पढ़ें पुस्तकें या फिर करा लें इश्यू

पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ. डीके सिंह ने कहा कि छात्रों की सुरक्षा को लेकर हम सभी चिंतित हैं। पुस्तकालय के अधिकांश कर्मचारी और उनका पूरा परिवार संक्रमित हो चुका है। जो हालात बने हुए हैं उसमें कब कौन किससे, कहां संक्रमित हो जाय, कुछ कहा नहीं जा सकता। ऐसे में छात्रों की सुरक्षा के लिए हरसंभव उपाय करने को तैयार हैं। बीएचयू का पूरा पुस्तकालय आनलाइन उपलब्ध है, शोध छात्रों को तो किसी भी हालत में यहां आने की आव'श्यकता ही नहीं है, वे आनलाइन सारी पुस्तकें प्राप्त कर सकते हैं। रही बात स्नातक और परास्नातक छात्रों की, तो उनके लिए भी अधिकांश पुस्तकें आनलाइन मौजूद हैं। सभी को प्रवेश नामांकन के समय ही यूजर आइडी और पासवर्ड उपलब्ध करा दिया जाता है। वे भी आनलाइन पढ़ सकते हैं, जिनके पास न हो वे बताएं, उनके लिए भी व्यवस्था बना दी जाएगी। हां, अगर पुस्तकें हार्डकापी में ही पढ़ना है तो दो महीने के लिए इश्यू करा लें, हॉस्टल या घर में बैठकर पढ़ें। सुरक्षा सर्वाधिक महत्वपूर्ण है।

घर चले जाना ही छात्रहित में

विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर सजग और सतर्क है। संक्रमण के हालात को देखते हुए दो सप्ताह पूर्व से ही छात्रों से अपील की जा रही है कि वे अपने पठन-पाठन की सामग्री लेकर घर चले जाएं, इससे बेहतर उपाय कुछ नहीं है। घर के सुरक्षित माहौल में पढ़े, उनकी कक्षाएं आनलाइन चल ही रही हैं, परीक्षा भी आनलाइन ही होगी।

 -डॉ. राजेश सिंह, जनसंपर्क अधिकारी, काशी हिंदू विश्वविद्यालय

आज से शाम आठ बजे ही बंद हो जाएंगे बीएचयू के द्वार

कोविड-19 महामारी के बढ़ते हुए प्रकोप को देखते हुए उत्तर प्रदेश शासन ने वाराणसी समेत कई शहरों में रात्रिकालीन कर्फ्यूू का समय 9.00 बजे से खिसका कर आठ बजे कर दिया है। इसे देखते हुए काशी हिंदू विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी मुख्य सहित परिसर के अन्य सभी द्वार अब रात 8.00 बजे से सुबह 7.00 बजे तक के लिए बंद रखने का निर्णय लिया है। मुख्य आरक्षाधिकारी प्रो. आनंद चौधरी ने बताया कि इस दौरान केवल मुख्य द्वार के साइड के दोनों द्वार ही खुले रहेंगे। यह निर्णय शुक्रवार की शाम से ही लागू हो जाएगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने परिसर वासियों एवं आमनजनमानस से आग्रह किया है कि परेशानी से बचने के लिए द्वार बंदी के समय को ध्यान में रखें।

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