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शिक्षकों के हड़ताल से प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालयों में पठन-पाठन हुआ प्रभावित

वाराणसी, जेएनएन। पुरानी पेंशन योजना की बहाली, समान कार्य के लिए समान वेतन सहित विभिन्न मांगों के लेकर प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षक मंगलवार को हड़ताल पर रहे। सामूहिक अवकाश लेकर शिक्षकों ने वरूणापुल स्थित शास्त्री घाट सभा व प्रदर्शन किया। इस दौरान शिक्षकों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान धरना स्थल पर पहुंची एसीएम (चतुर्थ) को शिक्षकों ने मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन भी सौंपा।

उत्तर प्रदेश शिक्षक महासंघ के बैनर तले शास्त्री घाट पर जुटे प्राथमिक, माध्यमिक, संस्कृत मदरसा बोर्ड के शिक्षकों ने इस दौरान प्रदेश सरकार को जमकर कोसा। माध्यमिक शिक्षक संघ (शर्मा गुट) प्रदेशीय मंत्री व पूर्व शिक्षक विधायक डा. प्रमोद कुमार मिश्र ने कहा कि शिक्षकों को लगातार अपमानित करने का काम किया जा रहा है। हाल में उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा आयोग के अधिनियम धारा 18 में संशोधन कर दिया गया। इसके तहत  प्रबंधक बिना आयोग के अनुमति के ही शिक्षकों को नोटिस व दंड दे सकता है।

127000 हेडमास्टरों के पद हुए समाप्त

उन्होंने कहा कि बेसिक शिक्षा विभाग से संचालित सूबे के 127000 परिषदीय विद्यालयों में हेड मास्टर के पद समाप्त कर दिए गए हैं। इसके चलते शिक्षकों की पदोन्नति भी फंस गई है। शिक्षक विरोधी नीतियों से क्षुब्ध होकर अध्यापकों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ रहा है। अध्यापकों ने पांच सितंबर को शिक्षक सम्मान बचाओ दिवस के रूप में मनाने का एलान किया।

शिक्षामित्रों के भरोसा रहा विद्यालय

शिक्षकों के हड़ताल से कई प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालयों में पठन-पाठन प्रभावित रहा। कई प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षामित्र ही थे तो कुछ में एक शिक्षक।

प्रदर्शन में ये रहे शामिल

प्रदर्शन व सभा में मुख्य रूप से कैलाश नाथ यादव, गिरजेश तिवारी, रियाजुद्दीन नौमानी, जितेंद्र पांडेय, सुनील सिंह सहित अन्य लोग शामिल थे। अध्यक्षता महासंघ के जिलाध्यक्ष संतोष कुमार सिंह, संचालन वीरंद्र प्रताप सिंह ने किया।

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