शिक्षक पात्रता परीक्षा : टीईटी का प्रमाणपत्र आजीवन मान्य करने से फिर जगी नौकरी की आस

केंद्र के तर्ज के सूबे में भी अब शिक्षक पात्रता परीक्षा का प्रमाणपत्र आजीवन मान्य करने की तैयारी है। ऐसे में वैधता समाप्त होने के कारण नौकरी की आस छोड़ चुके हजारों युवाओं में एक नई उम्मीद जगी है। वैधता समाप्त होने के कारण कल तक जो प्रमाणत्र अवैध था।

Abhishek SharmaSun, 13 Jun 2021 10:42 AM (IST)
वैधता समाप्त होने के कारण कल तक जो प्रमाणत्र अवैध था।

वाराणसी, जेएनएन। केंद्र के तर्ज के सूबे में भी अब शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) का प्रमाणपत्र आजीवन मान्य करने की तैयारी है। ऐसे में वैधता समाप्त होने के कारण नौकरी की आस छोड़ चुके हजारों युवाओं में एक नई उम्मीद जगी है। वैधता समाप्त होने के कारण कल तक जो प्रमाणत्र अवैध था। अब वैध हो गया।

विद्यार्थी जिस प्रमाणपत्र को रद्दी कागज समझकर इधर-उधर रख दिए थे। अब उसे सहेजने में जुट गए हैं। बेरोजगारी का दंश झेल रहे हजारों युवाओं को अब रोजगार की नई किरण दिखने लगी है। अब उनकी निगाहें शिक्षक भर्ती के विज्ञापन पर टिकी हुई है। केंद्र व राज्य सरकार के इस फैसले से महिलाएं सबसे अधिक खुश नजर आ रहीं है। उनके लिए सरकार का यह कदम मील का पत्थर साबित होना तय है।

छात्रों का कहना है कि सरकार ने टीईटी की वैधता पहले पांच साल निर्धारित की थी। बाद से इसे बढ़ाकर सात साल कर दिया गया है। वहीं इस दौरान शिक्षकों की भर्ती के विज्ञापन काफी कम जारी किए गए। एेसे में चयन नहीं हो सका। इस बीच प्रमाणपत्र की वैधता समाप्त हो गई। टीईटी का प्रमाणपत्र आजीवन मान्य करने के निर्णय का तमाम युवकों ने सरहना की है। इसे उचित एवं सराहनीय कदम बताते हुए कहा कि अब डीएलएड व बीएड डिग्रीधारकों को बार-बार टेट की परीक्षा नहीं देनी होगी। ऐसे में उन्हें आर्थिक एवं मानसिक दोनाें रूप से राहत मिलनी तय है।

बोले अभ्‍यर्थी

‘‘ मैं दो बार सीटेट व एक बार टेट पास कर चुका हूं। इस बार वैधता समाप्त होने के बाद टेट न करने का निर्णय लिया था। हालांकि सरकार ने आजीवन प्रमाणपत्र मान्य कर दिया है। इसे लेकर खुशी है। अब सरकार से अपेक्षा है कि जल्द से जल्द शिक्षक भर्ती के लिए विज्ञापन जारी करें। -विनीत श्रीवास्तव, शिवपुर

‘‘शिक्षक पात्रता परीक्षा की आजीवन वैधता सरकार का सराहनीय कदम है। सरकार के इस फैसले से बेरोजगार भावी शिक्षकों को आर्थिक एवं मानसिक रूप से संभल प्राप्त होगा। रोजगार पाने की दिशा में हम सब सार्थक प्रयास कर सकेंग। -अजंलि श्रीवास्तव, सिगरा

‘‘मैं 2017 में डीएलएड पास किया था। साथ में टेट पास कर चुका हूंञ टेट एग्जाम के प्रमाणपत्र को आजीवन मान्य करना सरकार का उचित कदम है। हम इसकी सराहना करते हैं। -आदर्श गुप्ता, भोजूबीर

‘‘सरकार द्वारा लिया गया यह कदम लंबे समय से बेरोजगारी का दंश झेल रहे युवाओं के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा। आगामी भर्ती में उन्हें सम्मिलित होने का एक अवसर प्राप्त होगा साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में आधार स्तंभ का कार्य करेगा। -शशांक वर्मा, मोहनसराय

‘‘टेट आजीवन वैध करने से कहीं किसी का फायदा होगा तो कही किसी का नुकसान है। फायदा उन लोगो का है जो वर्ष 2011 व 12 का टेट पास हुए और इनवैलिड हो गए और अब पास नही हो पा रहे है तो 2011 से वैलिड करने से अगली शिक्षक भर्ती में संख्या और बढ़ जाएगी । -कोमल जागृति पांडेय, पांडेयपुर

‘‘ मैं वर्ष 2011 में सीटेट पास की हूं। मेरा प्रमाणपत्र अब कूड़ा हो गया था। सरकार के फैसले से कल तक अवैध प्रमाणपत्र अब वैध हो गया। सरकार का यह निर्णय शत-प्रतिशत उचित एवं सराहनीय है। अब डीएलएड व बीएड डिग्रीधारकों को बार-बार टेट की परीक्षा नहीं देनी होगी। ऐसे में उन्हें आर्थिक एवं मानसिक दोनाें रूप से राहत मिलनी तय है। -संगीता श्रीवास्तव, शिवपुर

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.