top menutop menutop menu

लॉकडाउन के बीच 62 दिन बाद वाराणसी एयरपोर्ट पर उतरा विमान, पांच उड़ानें रद होने से यात्री परेशान

वाराणसी, जेएनएन। दो माह बाद सोमवार को वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर विमानों का आवागमन शुरू हो गया। स्पाइसजेट का मुंबई से आने वाला विमान निरस्त होने के चलते सबसे पहले इंडिगो एयरलाइंस का विमान दिल्ली से 155 यात्रियों को लेकर एयरपोर्ट पर उतरा। विमान के लैंड करते ही सभी कर्मचारियों को अलर्ट कर दिया गया। यात्रियों को बगैर रजिस्टे्रशन कराए टर्मिलन भवन से बाहर नहीं निकलने दिया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सबकी जांच की। इस दौरान किसी यात्री में कोरोना वायरस के लक्षण दिखाई नहीं दिए। वहीं, 16 विमानों में से पांच विमान निरस्त होने से यात्रियों को परेशानी हुई।

घरेलू विमान यात्रा दो माह से बंद होने के चलते एयरपोर्ट पर सियापा छाया रहा। सिर्फ सुरक्षाकर्मी और एयरपोर्ट अथॉरिटी के कर्मचारी दिखाई दिए। यात्रियों से सीधे संपर्क में आने वाले सभी सीआइएसएफ के जवान, एयरपोर्ट के अधिकारी-कर्मचारी मास्क, ग्लब्स और फेस शिल्ड लगाए थे। प्रस्थान गेट पर प्रवेश से पहले यात्रियों के जूते और बैग को सैनिटाइज किया गया। कागजात और आइडी की जांच करने वाले अधिकारी और कर्मचारियों ने भी शारीरिक दूरी बनाते हुए कैमरे से जांच की। वहीं, एयरपोर्ट पर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा और एसएसपी प्रभाकर चौधरी भी पहुंचे थे।   

ये विमान रहे निरस्त

-वाराणसी से कोलकाता के बीच चलने वाला इंडिगो एयरलाइंस का विमान 6इ349 और 6इ789

-वाराणसी से दिल्ली के बीच चलने वाला गो एयर का विमान जी8-404 और जी8-403

-वाराणसी से मुंबई के बीच चलने वाला इंडिगो एयरलाइंस का  विमान 6इ812 और 6इ806

-वाराणसी से मुंबई के बीच चलने वाला स्पाइसजेट एयरलाइंस का विमान एसजी 704 और एसजी 703

-वाराणसी से मुंबई के बीच चलने वाले वाला गो एयर का विमान जी8-349 और जी8-350

पांच विमान निरस्त, यात्री परेशान

बाबतपुर एयरपोर्ट पर कुल 11 विमानों का आवागमन हुआ जबकि पांच विमानों को निरस्त कर दिया गया। निरस्त किए गए विमानों में मुंबई के तीन,  कोलकाता और दिल्ली के एक-एक विमान है। पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र सरकार द्वारा घरेलू विमान सेवाओं को सुचारू रूप से संचालन किए जाने को लेकर पहले ही असमर्थता जताई गई थी। मुंबई से विमान सेवा निरस्त किए जाने के चलते कई यात्रियों ने एयरलाइंस तथा एयरपोर्ट को ट्वीट कर जानकारी मांगी। विमान निरस्त किए जाने के चलते यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। विमानन कंपनियों के अधिकारियों ने बताया कि विमान निरस्त किए जाने की सूचना पूर्व में ही यात्रियों के रजिस्टर्ड नंबर और ई-मेल पर भेज दिए गए थे।

 

इंटरनेशनल एरिया को बनाया डोमेस्टिक

विमान से जाने वाले यात्रियों को शारीरिक दूरी का पालन कराने में किसी प्रकार का समस्या न हो, इसको देखते हुए इंडिगो एयरलाइंस से जाने वाले यात्रियों के लिए इंटरनेशनल प्रस्थान एरिया को डोमेस्टिक में परिवॢतत कर दिया गया। इसके लिए रविवार को रातभर यात्रियों ने मेहनत किया। अधिकारियों ने बताया कि इंडिगो एयरलाइंस के विमान सबसे अधिक थे और उन विमानों से आने वाले यात्रियों की संख्या भी अधिक थी। रविवार की रात में इस बात को ध्यान में रखते हुए तत्काल रुप से इंटरनेशनल एरिया को डोमेस्टिक में बदलकर इंडिगो एयरलाइंस जाने वाले यात्रियों के लिए अलग से तैयारी की गई।

एयरपोर्ट की तैयारियों के बारे में पूछा

जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा और एसएसपी प्रभाकर चौधरी दोपहर में एयरपोर्ट पर यात्रियों की जांच और उनकी सुरक्षा, दी जाने वाली सुविधाओं का औचक निरीक्षण किया। अधिकारियों ने आगमन तथा प्रस्थान क्षेत्र का निरीक्षण करने के साथ ही एयरपोर्ट पर वाहन सुविधा उपलब्ध कराने वाली एजेंसियों से भी बातचीत कर उनको आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

वाराणसी से जाने वालों से अधिक आने वाले यात्रियों की रही भीड़

हवाई सेवा शुरू होने के पहले दिन सोमवार को वाराणसी समेत पूर्वांचल और बिहार के अलग-अलग जनपदों के यात्री वाराणसी एयरपोर्ट पर आवागमन हुआ। जाने वाले यात्रियों से अधिक संख्या आने वालों की रही। जाने वाले विमानों की ज्यादातर सीटें खाली रहीं जिससे विमानन कंपनियों को भी काफी नुकसान पहुंचा। अधिकारियों ने बताया कि 1200 से अधिक यात्रियों का आगमन हुआ जबकि जाने वाले यात्रियों की संख्या करीब 500 रही। सबसे कम जयपुर से 36 यात्री आए और 15 गए।

दो माह बाद बाबतपुर एयरपोर्ट पर सुबह 10.30 बजे रात नौ बजे तक विमानों का संचालन हुआ। दिल्ली से चार विमानों से सर्वाधिक 500 यात्रियों का आगमन हुआ और करीब 200 यात्री दिल्ली के लिए उड़ान भरे। बाहर में फंसे लोग अपने घर लौटना चाहते हैं जिसके चलते आने वाले यात्रियों की संख्या फिलहाल अधिक रहेगी। आगे यात्रियों की संख्या बढ़ेगी या नहीं, इसको लेकर विमानन कंपनियों असमंजस में है।

... तो कुछ विमान हो सकते हैं बंद

एयरलाइंस से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि यात्रियों की संख्या यदि इसी तरह कम रही तो सप्ताह भर के अंदर कुछ विमानन कंपनी विमान सेवाएं बंद कर सकती हैं। हो सकता है कि पहला दिन होने के चलते उहापोह की स्थिति बनी रही हो, लेकिन आने वाले यात्रियों में घर लौटने वालों की संख्या अधिक थी। कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के चलते पर्यटकों का आगमन नहीं हो पाएगा और जो लोग दूसरे राज्यों में फंसे हैं वे जल्द से जल्द अपने परिवार के बीच पहुंचना चाहते हैं। ऐसे में वे एक सप्ताह के अंदर तक वापस आ जाएंगे, उसके बाद यात्रियों की संख्या में कमी होना स्वाभाविक है। यात्रियों की संख्या कम होने के चलते विमानन कंपनियों को काफी घाटा लगेगा और विमान सेवाएं बंद करनी पड़ सकती है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.