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पुरवईया में बिखरे लोक संस्कृति के विविध रंग, तालियों ने बढ़ाया उत्‍साह तो आयोजन ने मोहा मन

वाराणसी, जेएनएन। जागरण पब्लिक स्कूल (कृष्णा नगर-दरेखूं) में दूसरे दिन शनिवार को भी नृत्य-संगीत की धूम रही। बच्चों ने लोक संस्कृति के विविध रंगों को बिखेरा। बाल कलाकारों की आकर्षक प्रस्तुतियों ने हर किसी को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं तालियों की गड़गड़ाहट विद्यार्थियों के उमंग-जोश को दोगुना करती रही। लोगों ने छात्र-छात्राओं की प्रस्तुतियों की खूब सराहना की।

मौका था विद्यालय के पांचवें वार्षिकोत्सव 'पुरवईया-2019' के समापन समारोह का। समापन समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रसिद्ध बॉलीवुड अभिनेता व भारतीय सेना के जांबाज मेजर मोहम्मद अली शाह, जागरण पब्लिक स्कूल समूह के मुख्य विकास अधिकारी भास्कर गंति, प्रधानाचार्य डीवीएस राव के दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। सांस्कृतिक कार्यक्रमों का शुभारंभ गणेश वंदना से हुआ। इस मौके पर बच्चे कल्पनाओं को चंद्रयान-2 पर आधारित गीत के माध्यम से प्रस्तुत करने में सफल रहे। वहीं अंग्रेजी नाटक 'स्नो वाइट' के माध्यम से बच्चों ने संदेश दिया कि ईष्यालु व्यक्ति जीवन में कभी भी सफल नहीं होता है।

वर्तमान में नारी की मनोदशा पर आधारित 'दुर्गा नृत्य' ने खूब तालियां बटोरी। 'अनुच्छेद-370' नामक नृत्य के माध्यम से विद्यार्थी काश्मीर समस्या को उजागर करने में सफल रहे। इस दौरान बच्चों ने पश्चिमी सभ्यता पर आधारित गीतों को भी समेटने का प्रयास किया था। 'दशावतार' नामक नाटक का मंचन कर यह दिखाने का प्रयास किया गया कि जब मानव अन्याय व अधर्म के दलदल में फंस जाता है तब भगवान विष्णु उसे सही रास्ता दिखाने के लिए अवतार लेते हैं। समारोह में इंद्रधनुष के समान सभी रंगों की छठा देखने को मिली। स्वागत प्रधानाचार्य डीवीएस राव व धन्यवाद ज्ञापन विद्यालय की कोआर्डिनेटर श्वेता चड्ढा ने किया। समापन राष्ट्रगान से हुआ।

असफलता से ही सफलता का मार्ग प्रशस्त : मोहम्मद अली शाह मुख्य अतिथि प्रसिद्ध बॉलीवुड अभिनेता व भारतीय सेना के जांबाज मेजर मोहम्मद अली शाह ने कहा कि असफलतों से घबराने की जरूरत नहीं है। वह बताती है कि हमसे कहीं न कहीं चूक हुई है। इस चूक को सुधारने का मौका मिलता है। इस प्रकार असफलता से ही सफलता का मार्ग प्रशस्त होता है।

सतत परिश्रम करने की जरूरत : भास्कर गंति जागरण पब्लिक स्कूल समूह के मुख्य विकास अधिकारी भास्कर गंति ने बच्चों से सतत परिश्रम करने व कर्तव्यपथ अग्रसर रहने की प्रेरणा दी। उन्होंने बच्चों को लक्ष्य के प्रति एक नई आशा व दृष्टिकोण प्रदान किया। कहा कि नियत समय पर कार्य करने से व्यक्ति सदैव तनाव मुक्त रहता है।

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