रंगमंच पर उतरेंगी प्रेमचंद व टैगोर की कहानियां, वाराणसी में चार दिनों में पांच नाटकों का होगा मंचन

कला-संस्कृति का शहर बनारस ख्यात रंगकर्मी पद्मश्री बंसी कौल की याद में रंगमंच सजाएगा।

प्रेक्षागृह सनबीम वरुणा में शुक्रवार से आरंभ बंसी कौल नाट्य समारोह में चार दिनों में कुल पांच नाटकों का मंचन होगा। इस दौरान रंगमंच पर मुंशी प्रेमचंद रवींद्रनाथ टैगोर के लिखित नाटकों को कलाकार शाम 630 बजे से अपने अभिनय से मंच पर सजीव करेंगे।

Saurabh ChakravartyThu, 04 Mar 2021 05:28 PM (IST)

वाराणसी, जेएनएन। कला-संस्कृति का शहर बनारस ख्यात रंगकर्मी पद्मश्री बंसी कौल की याद में रंगमंच सजाएगा। हरमोनी प्रेक्षागृह सनबीम वरुणा में शुक्रवार से आरंभ बंसी कौल नाट्य समारोह में चार दिनों में कुल पांच नाटकों का मंचन होगा। इस दौरान रंगमंच पर मुंशी प्रेमचंद, रवींद्रनाथ टैगोर के लिखित नाटकों को कलाकार शाम 630 बजे से अपने अभिनय से मंच पर सजीव करेंगे।

संस्कार भारती काशी महानगर एवं सनबीम शिक्षण समूह के संयुक्त तत्वावधान में होने वाले इस नाट्य समारोह के संबंध में सनबीम शिक्षण समूह के चेयरमैन डा. दीपक मधोक व वीणा सहाय, नाट्य विधा संयोजक काशी महानगर के अध्यक्ष नीरज अग्रवाल तथा सचिव सुमित श्रीवास्तव ने प्रेस वार्ता कर इस संबंध में विस्तार से जानकारी दी।

नीरज अग्रवाल ने बताया कि नाट्य समारोह का आयोजन पांच मार्च से आठ मार्च तक होगा। कोरोना काल में सरकार के नियमों का पालन किया जाएगा। सभी दर्शकों को मास्क पहनना अनिवार्य होगा।

उपाध्यक्ष मंजीत त्रिपाठी ने कहा कि भारतीय रंगमंच के भीष्म पितामह पद्मश्री बंसी कौल का निधन बीतीछह फरवरी को हो गया। उन्हें श्रद्धांजलि स्वरूप इस रंगांजलि का आयोजन देश में पहली बार किया जा रहा है। इसमें प्रवेश पूरी तरह से निश्शुल्क है।

सुमित श्रीवास्तव ने बताया कि ख्यात कला समीक्षक प्रो. सत्यदेव त्रिपाठी आयोजन में पद्मश्री बंसी कौल की रंगयात्रा पर प्रकाश डालेंगे। देश के प्रतिष्ठित रंग निर्देशकों, अभिनेताओं जैसे पद्मश्री प्रो. वामन केंग्देे, भानु भारती, प्रो. भारत रत्न भार्गव, पद्मश्री डीपी सिन्हा, संजय उपाध्याय आदि ने आयोजन के लिए शुभकामनाएं दी हैं। संयोजिका वीणा सहाय ने नाटकों के शेड्यूल को विस्तार से जानकारी दी।

इस क्रम में होगा नाटकों का मंचन

पहला दिन : 5 मार्च, शुक्रवार

 नृत्य नाटिका- बुद्धं शरणं गच्छामि

  लेखक  - प्रो. श्याम मोहन अस्थाना

निर्देशक  - बख्शी विकास

 प्रस्तुति - बख्शी विकास एवं समूह बिहार

दूसरा दिन : 6 मार्च, शनिवार

पहला नाटक -  प्रेम का उदय

लेखक - चंद्रशेखर मलिक

निर्देशन - अजय रोशन

प्रस्तुति -  मेघदूतम

दूसरा नाटक -  चंडालिका

लेखक - रवींद्र नाथ ठाकुर

निर्देशन - शुभ्रा वर्मा

प्रस्तुति - यथार्थ क्रिएशन

तीसरा दिन : 7 मार्च

नाटक : अवरुद्ध

लेखक : प्रतिमा सिन्हा

निर्देशन : सुमित श्रीवास्तव

प्रस्तुति : शिवसंभव

चौथा दिन : 8 मार्च

नाटक : दुनिया का मेला

लेखक : मोतीलाल गुप्त

निर्देशक : मोतीलाल गुप्त

प्रस्तुति : प्रेरणा कला मंच

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