सौतेले भाई ने संपत्ति के लिए की थी वाराणसी के सामने घाट निवासी अभिषेक की हत्या, तीन गिरफ्तार

अभिषेक त्रिवेदी के शव के मामले का अलीनगर पुलिस ने शुक्रवार को राजफाश किया।

अलीनगर थाना के पचफेड़वा नेशनल हाईवे पुल पर 23 अप्रैल को कार में मिले वाराणसी के सामने घाट निवासी अभिषेक त्रिवेदी के शव के मामले का पुलिस ने राजफाश किया। पुलिस के अनुसार सौतेले भाई ने ही संपत्ति की लालच में साथियों के साथ मिलकर हत्या की थी।

Saurabh ChakravartyFri, 07 May 2021 07:10 PM (IST)

चंदौली, जेएनएन। अलीनगर थाना के पचफेड़वा नेशनल हाईवे पुल पर 23 अप्रैल को कार में मिले वाराणसी के सामने घाट निवासी अभिषेक त्रिवेदी के शव के मामले का अलीनगर पुलिस ने शुक्रवार को राजफाश किया। पुलिस के अनुसार सौतेले भाई ने ही संपत्ति की लालच में साथियों के साथ मिलकर हत्या की थी। पुलिस ने तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। एक आरोपित अभी फरार है।

थानाध्यक्ष संतोष कुमार सिंह के अनुसार अभिषेक त्रिवेदी बिहार के कैमूर जिले के मोहनियां थाना के मुठानी गांव का निवासी थे। वह बालाजी एक्सटेंशन सामने घाट वाराणसी में अपनी पत्नी सीमा त्रिवेदी व बच्चों के साथ रहते थे। 22 अप्रैल को अभिषेक द्विवेदी का सौतेला भाई आलोक अपने मित्र बिहार के रोहतास जिले के चेनारी थाना के तेंदुई निवासी मोहन तिवारी व मुठानी निवासी मुकेश शर्मा के साथ वाराणसी से अभिषेक की कार से उसके घर मुठानी पहुंचे थे। वहां घर की दूसरे मंजिल पर मुकेश शर्मा के भाई मनीष शर्मा ने योजनाबद्ध तरीके से अभिषेक के सिर में पीछे से गोली मार दी। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

घटना के बाद खून से सने कपड़े एक लोहे की तगाड़ी में भरकर घर से पीछे खंडहरनुमा घर में फेंक दिया। अभिषेक की कार में ही उसके शव को रखकर पचफेड़वा तक ले आए। पुल पर सुनसान जगह देखकर कार वहीं छोड़कर मनीष व मुकेश बाइक से वापस घर चले गए। जबकि आलोक त्रिवेदी व मोहन तिवारी आटो से पीडीडीयू नगर होते हुए वाराणसी पहुंच गए। जब मृतक की पत्नी सीमा त्रिवेदी ने उनसे अपने पति के बाबत जानकारी ली तो वे उसे बताए कि उसका पति अभिषेक सिंधीताली के पास उन लोगों को अपनी गाड़ी से उतारकर वापस चंदौली चले गए। वहीं उसकी खोजबीन का नाटक भी करने लगे। 23 अप्रैल की सुबह आलोक परिजनों के साथ पचफेड़वा पुल पर पहुंचा। जहां उसने कार व शव की शिनाख्त की। उसी दिन देर शाम अलीनगर थाने में मृतक की पत्नी सीमा त्रिवेदी ने दो लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस मामले की छानबीन कर रही थी। आरोपितों से कड़ाई से पूछताछ में मामले की सच्चाई उजागर हुई। चौथा आरोपित मनीष शर्मा अभी फरार है।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.