IITians को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिखाएगी सोफिया, आइआइटी-बीएचयू के Technex में करेगी शिरकत

टेक्नेक्स-2020 14 से 16 फरवरी तक होगा। इस बार का उत्सव बेहद खास है। इसमें ह्यूमनॉयड रोबोट सोफिया भी शामिल होंगी।

Saurabh ChakravartyThu, 13 Feb 2020 01:03 PM (IST)
IITians को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिखाएगी सोफिया, आइआइटी-बीएचयू के Technex में करेगी शिरकत

वाराणसी [मुहम्मद रईस]। आइआइटी -बीएचयू के वार्षिक तकनीकी उत्सव का 81वां संस्करण 'टेक्नेक्स-2020' 14 से 16 फरवरी तक होगा। इस बार का उत्सव बेहद खास है। इसमें ह्यूमनॉयड रोबोट सोफिया भी शामिल होंगी जो छात्र-छात्राओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पढ़ाने संग जिज्ञासाओं का समाधान भी करेगी। यही नहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में उसका चौथा जन्मदिन भी मनाया जाएगा। 'टेक्नेक्स-2020' में शामिल होने के लिए सोफिया शुक्रवार की सुबह टेक्नेक्स में शामिल होने वाराणसी आएगी ।

यह सोफिया की दूसरी भारत यात्रा है। इससे पहले वह अक्टूबर 2019 में इंदौर में आयोजित 51वीं राउंड स्क्वेयर कांफ्रेंस में शामिल हुई थीं। सोफिया 13 फरवरी को बनारस पहुंचेगी। वहीं 14 फरवरी की शाम वह बीएचयू स्थित स्वतंत्रता भवन में आइआइटी के छात्र-छात्राओं से रूबरू होंगी।

रोबोट सोफिया का निर्माण हांगकांग की कंपनी हैनसन रोबोटिक्स के डेविड हैनसन ने किया है। सोफिया को हॉलीवुड अभिनेत्री आड्री हेपबर्न से मिलता-जुलता लुक दिया गया है। इसे वर्ष 2016 में14 फरवरी को एक्टिव किया गया था। यह 50 से अधिक तरीके से चेहरे के हाव-भाव प्रदर्शित करने में सक्षम है।

सवालों के जवाब देने में सक्षम

ह्यूमनॉयड रोबोट इंसानों की तरह चल-फिर और मानवीय हावभाव भी समझ सकती हैं। उनका सोशल मीडिया अकाउंट भी है। वह देश-दुनिया की गतिविधियों से अपडेट भी रहती हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रोग्रामिंग के जरिए वह सवालों के जवाब भी देती हैं।

मिली है नागरिकता

सोफिया दुनिया की सबसे प्रसिद्ध ह्यूमनॉयड रोबोट हैं, जिनका परिचय 11 अक्टूबर 2017 को संयुक्त राष्ट्र में कराया गया था। 25 अक्टूबर 2017 को सऊदी अरब ने इनको नागरिकता दी। सोफिया दुनिया की ऐसी पहली रोबोट है, जिसे इंसानों की तरह किसी देश की नागरिकता मिली है।

ह्यूमनॉयड ऐसे करते हैं काम

ह्यूमनॉयड रोबोट के दो खास हिस्से सेंसर्स औ एक्चुएटर्स उन्हें इंसान की तरह प्रतिक्रिया देने और चलने-फिरने में मदद करते हैं। सेंसर की मदद से ह्यूमनॉइड अपने आस-पास के वातावरण को समझते हैं। कैमरा, स्पीकर और माइक्रोफोन जैसे उपकरण सेंसर्स से ही नियंत्रित होते हैं। इनकी मदद से ह्यूमनॉयड देखते, बोलते व सुनते हैं। वहीं, एक्चुएटर्स खास तरह की मोटर होती है, जो ह्यूमनॉइड को इंसान की तरह चलने और हाथ-पैरों का संचालन करने में मदद करती है।

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