सोनभद्र में सांप के डंसने से एक सप्ताह में पांच की मौत, सीएचसी में नहीं है एंटी स्नेक वेनम

महज एक सप्ताह में अकेले दुद्धी क्षेत्र में पांच से अधिक मौते हो चुकी है। इसमें से सभी मौत बगैर इंजेक्शन लगाए हुई है। अस्पताल में इंजेक्शन न होने के अभाव में सर्प दंश पीड़ितों को जिला मुख्यालय रेफर किये जाने के बाद अधिकतर मौत रास्ते में हुई है।

Saurabh ChakravartySun, 01 Aug 2021 10:21 PM (IST)
एंटी स्नेक वेमन की कमी से प्रतिदिन मौतों का सिलसिला जारी है।

सोनभद्र, जागरण संवाददाता। वन्य बाहुल्य तहसील दुद्धी मुख्यालय समेत इन दिनों समूचे जनपद में सर्प दंश की घटनाओं में तेजी से वृद्धि हो रही है। जमीनी तौर पर स्वास्थ्य महकमे की तैयारियों के सभी दावे फेल हो रहे है। एंटी स्नेक वेमन की कमी से प्रतिदिन मौतों का सिलसिला जारी है। महज एक सप्ताह में अकेले दुद्धी क्षेत्र में पांच से अधिक मौते हो चुकी है। इसमें से सभी मौत बगैर इंजेक्शन लगाए हुई है। अस्पताल में इंजेक्शन न होने के अभाव में सर्प दंश पीड़ितों को जिला मुख्यालय रेफर किये जाने के बाद अधिकतर मौत रास्ते में हुई है तो कुछ ओझा-सोखा के शरण में जाने से काल कलवित हुए।

केस संख्या एक

गुरुवार को कोतवाली क्षेत्र के बघाडू गांव निवासी फुलकुमारी (27) पत्नी अमरलाल को घरेलू कार्य करने के दौरान किसी विषधर ने डंस लिया। अपनी झाड़-फूंक की संस्कृति के विपरीत वनवासी परिवार उक्त महिला को लेकर तत्काल सीएचसी पहुंचा। यहां इमरजेंसी में मौजूद स्वास्थ्य कर्मियों एंटी स्नेक वेमन न होने का हवाला देते हुए उसे जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। समय से इलाज न मिलने के कारण महिला की रास्ते मे ही मौत हो गई।

केस संख्या दो

गुरुवार को ही इलाके के टेढ़ा गांव की रीता देवी भी सर्प दंश की शिकार होकर अस्पताल पहुंची, उसे भी रेफर किया गया। समय पर जिला अस्पताल जाने के कारण उसकी स्थिति ठीक है।

केस संख्या तीन

मंगलवार को तहसील मुख्यालय से सटे मल्देवा गांव निवासी कृष्ण कुमार गुप्ता का इकलौता पुत्र अंकित कुमार (13) सर्प दंश का शिकार हुआ। परिजन उसे लेकर तत्काल सीधे अस्पताल पहुंचे। अस्पताल से इंजेक्शन के अभाव में रेफर पर्ची बनते देख स्वजन उसे लेकर परेशान हो उठे। रास्ते में अंकित ने दम तोड़ दिया।

केस संख्या चार

क्षेत्र के टेढ़ा गांव निवासी मौलाना हाफिजुद्दीन (25) पुत्र अली मोहम्मद बीते बकरीद की शाम अपने गांव से महज दो किलोमीटर दूर दीघुल गांव में स्थित ससुराल में बकराईद मिलने गया था। उसी दौरान वह सर्प दंश का शिकार हुआ। पर्व की खुशिया अचानक मातम में तब्दील हो गई। मौके पर मौजूद लोगों ने समझदारी दिखाते हुए तत्काल मौलाना को लेकर अस्पताल पहुंचे। किंतु अस्पताल में मौजूद चिकित्सक ने इंजेक्शन न होने का हवाला देते हुए उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया, और रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।

गोलमोल जवाब दे रहे अधीक्षक

सीएचसी के अधीक्षक गुरुप्रसाद से जब इस बाबत जब सवाल किया गया तो उन्होंने झल्लाते हुए कहा कि वेनम आता है, ऐसा नहीं है कि यहां दवा नहीं है। हां, कभी कभी ऐसी समस्या होती है।

 

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