वाराणसी में स्मार्ट विद्यालय ने किया कान्वेेंट स्कूलों से मोह भंग, विभागीय परीक्षा के जरिए चुने जाएंगे सर्वश्रेष्ठ शिक्षक

Smart schools in Varanasi प्रधानमंत्री द्वारा लोकार्पण किए जाने के बाद से स्मार्ट विद्यालय में दाखिले को लेकर होड़ मची हुई है। अब तक 100 से भी ज्यादा बच्चों ने कान्वेंंट स्कूल से नाम कटवाकर विभिन्न कक्षाओं में दाखिले के लिए आवेदन कर चुके हैं।

Saurabh ChakravartyFri, 06 Aug 2021 07:10 AM (IST)
प्रधानमंत्री द्वारा लोकार्पण किए जाने के बाद से स्मार्ट विद्यालय में दाखिले को लेकर होड़ मची हुई है।

 वाराणसी, अजय कृष्ण श्रीवास्तव। Smart school in Varanasi बदहाल इमारत, जमीन पर बोरा बिछाकर बैठे बच्चे, गंदी ड्रेस, पुराना बस्ता और फटी किताबें...। सरकारी स्कूल का नाम आते ही कुछ ऐसी ही तस्वीरें आंखों के सामने आती है, लेकिन नए दौर के सरकारी स्कूल ऐसे नहीं रहे। कहीं शिक्षकों के नवाचारी प्रयास तो कहीं सरकार के संकल्प ने इस दृश्य को बदलकर रख दिया है। बनारस में करीब 90 साल पुराना एक स्कूल मिसाल बन गया है।

आलम यह है कि पिछले महीने प्रधानमंत्री द्वारा लोकार्पण किए जाने के बाद मछोदरी स्थित इस स्मार्ट विद्यालय में दाखिला लेने की होड़ मच गई है। महंगे कान्वेंट स्कूल से नाम कटवाकर अभिभावक अपने बच्चों को यहां पढ़ाने के लिए आवेदन कर रहे हैैं। सीट के सापेक्ष दोगुना से ज्यादा आवेदन आ जाने के कारण प्रवेश परीक्षा कराने का निर्णय लिया गया है। आवेदन पत्र का वितरण बंद हो जाने के बाद भी तमाम अभिभावक एडमिशन के लिए पैरवी लगा रहे हैैं।

लिफ्ट वाला पहला सरकारी स्कूल

किसी सरकारी स्कूल में लिफ्ट होने की बात ही कल्पनातीत लगती है, लेकिन मछोदरी स्थित नगर निगम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में यह सुविधा है। स्मार्ट सिटी के तहत विद्यालय को स्मार्ट बनाने में करीब 14.21 करोड़ खर्च हुए हैैं। 1.67 एकड़ में बने इस तीन मंजिला स्कूल में स्मार्ट क्लास रूम, आडिटोरियम, कंप्यूटर लैब, स्किल डेवलपमेंट सेंटर, अग्निशमन उपकरण, सीसीटीवी कैमरा, इन्वर्टर, पंखे, शुद्ध पेयजल जैसी आधुनिक सुविधाएं हैैं।

दो साल पहले रखी गई थी आधारशिला

विद्यालय की स्थापना 1932 में हुई थी। वर्ष 1966-67 में इसे हाईस्कूल तक उच्चीकृत किया गया। प्राचीन विद्यालय होने के कारण इसका भवन जीर्ण-शीर्ण अवस्था में पहुंच गया था। इसे देखते हुए स्मार्ट सिटी के तहत जीर्णोद्धार की योजना बनाई गई। विद्यालय भवन को ध्वस्त कर तीन मार्च 2019 को नए भवन की आधारशिला रखी गई।

अंग्रेजी माध्यम से दी जाएगी शिक्षा

स्मार्ट विद्यालय में कक्षा एक से 10 तक पढ़ाई होगी। कक्षा एक से पांच तक की कक्षाएं बेसिक शिक्षा विभाग व छह से 10 तक की कक्षाएं यूपी बोर्ड से संचालित हो रही हैैं। वर्तमान में प्राइमरी सेक्शन पठानी टोला व उच्चतर माध्यमिक रामघाट स्थित नगर निगम के विद्यालय से संबद्ध है। विभागीय परीक्षा के माध्यम से जनपद के सर्वश्रेष्ठ शिक्षकों को यहां लाने की तैयारी है। साथ ही अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा देने की योजना है।

केस-1

दी आर्यन इंटरनेशनल स्कूल की छात्रा करिश्मा जायसवाल ने कक्षा आठ में दाखिले के लिए आवेदन किया है। उन्होंने कान्वेंंट स्कूल से टीसी कटवा कर यहां जमा कर दिया है।

केस-2

राज मांटेसरी स्कूल की कक्षा छह की छात्रा वर्षा गुप्ता ने कक्षा सात में दाखिले के लिए स्मार्ट स्कूल, मछोदरी में आवेदन किया है।

केस-3

फातिमा पब्लिक स्कूल से कक्षा पांच पास करने वाली अर्पिता कुशवाहा ने कक्षा छह में दाखिले के लिए टीसी जमा कर दिया है।

प्रधानमंत्री द्वारा लोकार्पण किए जाने के बाद से स्मार्ट विद्यालय में दाखिले को लेकर होड़ मची हुई है

प्रधानमंत्री द्वारा लोकार्पण किए जाने के बाद से स्मार्ट विद्यालय में दाखिले को लेकर होड़ मची हुई है। अब तक 100 से भी ज्यादा बच्चों ने कान्वेंंट स्कूल से नाम कटवाकर विभिन्न कक्षाओं में दाखिले के लिए आवेदन कर चुके हैं। सीट के सापेक्ष आवेदनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए परीक्षा के माध्यम से बच्चों का दाखिला लेने पर विचार किया जा रहा है।

-अग्नि कुमार सिंह, प्रधानाचार्य, नगर निगम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, मछोदरी

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