वाराणसी में अंकों के आसमान पर मेधावियों का डंका, सीबीएसई ने नहीं जारी की टापरों की सूची

देश भर में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा परिषद (सीबीएसई -सेंट्रल बोर्ड आफ सेकेंडरी एजुकेशन) ने मंगलवार की दोपहर 12 बजे अचानक दसवीं का रिजल्ट जारी कर सबको चौंका दिया। इस प्रकार इस बार भी सीबीएसई ने विद्यार्थियों को सरप्राइज दिया।

Abhishek SharmaTue, 03 Aug 2021 02:20 PM (IST)
मंगलवार की दोपहर 12 बजे अचानक दसवीं का रिजल्ट जारी कर सबको चौंका दिया।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा परिषद (सीबीएसई -सेंट्रल बोर्ड आफ सेकेंडरी एजुकेशन) ने मंगलवार की दोपहर 12 बजे अचानक दसवीं का रिजल्ट जारी कर सबको चौंका दिया। इस प्रकार इस बार भी सीबीएसई ने विद्यार्थियों को सरप्राइज दिया। परीक्षा निरस्त होने के कारण सीबीएसई ने 10वीं का रिजल्ट भी विद्यार्थियों के पिछली कक्षाओं के औसत अंक आधार पर जारी किया है।

इंटर की भांति सीबीएसई ने हाईस्कूल में भी टापर्स की सूची नहीं जारी की है। हालांकि विद्यार्थियों के पास होने का प्रतिशत गत वर्ष की तुलना में इस बार काफी अच्छा रहा। इस बार दसवीं में करीब 99 फीसद बच्चे सफल हुए हैं। ज्यादातर विद्यालयों ने शत प्रतिशत रिजल्ट होने का दावा किया है। इस प्रकार अंकों के आसमान पर मेधावियों का डंका रहा।

दसवीं की भी परीक्षाएं निरस्त होने के कारण रिजल्ट के स्वरूप को लेकर विद्यार्थियों के मन धुकधुकी बनी हुई थी। रिजल्ट जारी होते ही विद्यार्थियों का आपस में फोन घनघनाने लगा। एक-दूसरे से रिजल्ट की पुष्टि में लग गए। प्रधानाचार्य से लगायत अध्यापक तक एक-दूसरे से फोन कर रिजल्ट की पुष्टि करने में जुट गए। जैसे उन्हें पता चला कि सीबीएसई ने दसवीं का रिजल्ट जारी कर दिया है। रिजल्ट देखने जुट गए। उधर विद्यार्थी ही नहीं उनके अभिभावक भी स्मार्ट फोन पर रिजल्ट देखने जुट गए। रिजल्ट देखते ही परीक्षार्थी खुशी से उछल पड़े। विद्यार्थियों ने स्कीन शाट लेकर एक-दूसरे को भेजना शुरू कर दिए। एक-दूसरे हो बधाई देने का तांता देरशाम तक जारी रहा।

माता-पिता का लिया आशीर्वाद : रिजल्ट देखने के बाद छात्रों ने अपने माता-पिता का पैर छूकर आशीर्वाद लिया। कोरोना महामारी के चलते इस बार ज्यादातर विद्यालयों ने बच्चों को नहीं बुलाया है। इसके चलते स्कूलों में इस बार सन्नाटा पसरा हुआ था। वहीं बहुतायत स्कूलों ने शत प्रतिशत रिजल्ट का दावा किया।

फोन पर लिया गुरुजनों का आशीर्वाद : कोरोना महामारी को इस बार बच्चों ने अपने गुरुजनों का आशीर्वाद फोन पर ही लिया। वहीं अध्यापक ने भी बच्चों को फोन कर उन्हेंं बधाई दी।

घर पर ही किया इष्ट देवता को नमन : परीक्षा अच्छा आने के बाद भी इस बार मंदिरों में बच्चों की भीड़ नहीं जुटी। कोविड-19 के प्रकोप के चलते बच्चों घर पर ही अपने ईष्ट देवता को नमन किया।

हाईस्कूल

153 विद्यालय

20080 पंजीकृत परीक्षार्थी

99 फीसद विद्यार्थी उत्तीर्ण

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