वाराणसी में व्यापारी की हत्या में शुभम केसरी गया था जेल, अब मीरजापुर में जली अवस्था में मिला शव

मीरजापुर के अहरौरा पहाड़ी की खाई में मिले शवों में एक की पहचान शुभम केशरी के रूप में हुई।

मीरजापुर के अहरौरा पहाड़ी की खाई में मिले दो अधजले शवों में एक की पहचान कोतवाली के गोला दीनानाथ निवासी शुभम केशरी के रूप में हुई। वह कोतवाली का हिस्ट्रीशीटर था। उसने झोला व्यापारी मोहन निगम को उनकी दुकान में गोली मारकर हत्या कर दी थी।

Publish Date:Sat, 16 Jan 2021 06:25 PM (IST) Author: Abhishek sharma

वाराणसी, जेएनएन। मीरजापुर के अहरौरा पहाड़ी की खाई में मिले दो अधजले शवों में एक की पहचान कोतवाली के गोला दीनानाथ निवासी शुभम केशरी के रूप में हुई। वह कोतवाली का हिस्ट्रीशीटर था। 28 अगस्त 2017 में उसने चौक के राजा दरवाजा में झोला व्यापारी मोहन निगम को उनकी दुकान में गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में एक और आरोपित संजय यादव उर्फ नाटे भी गिरफ्तार हुआ था। शुभम पहले झोला व्यापारी मोहन निगम के साले सुनील निगम की दुकान में काम करता था।

बहन की शादी के नाम पर लिए गए 90 हजार रुपये नहीं लौटाने पर सुनील और मोहन ने उस पर दबाव बनाया था। पुलिस की पूछताछ में शुभम ने बताया था कि पैसा वसूलने के लिए सुनील के साथ मोहन उसके घर आए थे और उसके परिवार की बेइज्जती की थी। उसी के बाद उसने नाटे के साथ मिलकर वारदात की साजिश रची थी। क्षेत्र की दुकानों में लगे दो सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में सफेद शर्ट और काले रंग की टी-शर्ट में दो बदमाश भागते नजर आए थे। इनकी बाद में पुलिस ने शिनाख्त की थी। शुभम इस वारदात को अंजाम देने के बाद मोबाइल फेंककर चंदौली भाग गया था लेकिन बाद में दबोच लिया गया था।

मई में छूटा था पैराल पर

झोला व्यापारी की हत्या में शुभम केशरी जिला जेल में बंद था। जिला जेल के जेलर पवन त्रिवेदी के मुताबिक कोरोना काल में 16 मई 2020 को उसे पैराल पर छोड़ा गया था। इसके बाद वह जेल में दाखिल नहीं हुआ। 

शुभम के बड़े भाई ने डीएम से लगाई थी गुहार

शुभम के बड़े भाई शिवम केशरी ने जिलाधिकारी को स्पीड पोस्ट के माध्यम से पत्र भेजकर अपने भाई को बचाने की गुहार लगाई थी। उनका कहना था कि छोटा भाई शुभम केशरी अपने मित्र महमूरगंज स्थित गोपाल विहार कालोनी निवासी रवि पांडेय संग पड़ोस में रहने वाले मित्र सुनील गुप्ता के यहां गत 22 दिसंबर को गया था। आरोप है कि लौटते समय पुलिस शुभम व रवि को उठा ले गई थी। जैतपुरा, चौक व लालपुर पांडेयपुर थाने का चक्कर लगाने के बाद भी दोनों को पता नहीं चला था।  

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