top menutop menutop menu

Savan Somvar 2020 : शिव-शक्ति स्वरूप में विराजे बाबा श्रीकाशी विश्वनाथ, परंपरा अनुसार शिव पार्वती श्रृंगार

वाराणसी, जेएनएन। बाबा को प्रिय माह सावन और दिन सोमवार को श्रीकाशी विश्वनाथ दरबार में परंपरानुसार शिव-शक्ति स्वरूप झांकी सजी। शाम को गर्भगृह में फूलों से काशीपुराधिपति व माता पार्वती का रच-रच कर श्रृंगार किया गया। शाम पांच बजे से आवागमन की बंदिशों के कारण श्रद्धालुओं ने आनलाइन लाइव दर्शन कर प्रभु को हाथ जोड़ प्रणाम किया। इस दौरान बाबा से दूरी का दर्द आंखों से छलका। बाबा से कोरोना मुक्ति की गुहार लगाई और मनोकामनाओं का पिटारा प्रभु चरणों में रख दिया। 

शुक्रवार रात दस बजे से लागू 55 घंटे का  प्रतिबंध खत्म होने के साथ सोमवार सुबह पांच बजे मंदिर के पट आम श्रद्धालुओं के लिए खोला गया। कुछ ही देर बाद सभी मार्गों से श्रद्धालुओं का आना शुरू हुआ। हर हर महादेव का उद्घोष के साथ भक्तों ने बाबा का दर्शन किया। हालांकि सुबह नौ बजे तक 800 श्रद्धालुओं ने दर्शन किया।

पूर्व के वर्षों में सावन के सोमवार को इस समय तक यह संख्या 50 हजार से उपर हुआ करती थी। इस बार बंदिशों के कारण श्रद्धालु मंगला आरती की झांकी से भी वंचित हुए। मंदिर के अर्चकों द्वारा सुबह से लेकर रात तक पूजा आरती के विधान पूरे किए गए। शाम पांच बजे से आवागमन पर प्रतिबंध के कारण फिर सन्नाटा पसर गया। 

जहां कहीं खुले भी शिवालय तो बाहर से ही झांकी दर्शन

कोराना संकट के कारण इस बार सावन का रंग भले फीका हो गया हो लेकिन श्रद्धा -भक्ति का रंग और भी चटख हो उठा है। घर से बाहर निकलने में बंदिशों और मंदिरों के पट बंद होने से लोगों ने घरों में ही बाबा का ध्यान कर पूजा अर्चना की। जहां कहीं शिवालय खुले भी तो जाकर बाहर से दर्शन कर लिया। शूलटंकेश्वर, मार्कंडेश्वर, रामेश्वर, महामृत्युंजय महादेव, गौरी केदारेश्वर समेत प्रमुख मंदिरों के पट बंद रहे। बीएचयू स्थित विश्वनाथ मंदिर सावन भर के लिए पहले ही बंद कर दिया गया है। सारनाथ स्थित सारंगनाथ महादेव मंदिर में भक्तों ने बाहर से ही दर्शन किया।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.