संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय : गृह विज्ञान की प्रायोगिक परीक्षा 30 अंक का और मिला 32 नंबर

संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में एक परीक्षार्थी को 30 अंक का प्रैक्टिकल में 32 अंक मिलने का प्रकरण सामने आया है। वहीं गलती विश्वविद्यालय का होने के बावजूद अंकपत्र संशोधित करने के नाम पर संबंधित परीक्षार्थी अर्थदंड जमा करने का दबाव दिया जा रहा है।

Saurabh ChakravartySun, 12 Sep 2021 09:06 PM (IST)
संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में एक परीक्षार्थी को 30 अंक का प्रैक्टिकल में 32 अंक मिलने का प्रकरण सामने आया है।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में एक परीक्षार्थी को 30 अंक का प्रैक्टिकल में 32 अंक मिलने का प्रकरण सामने आया है। वहीं गलती विश्वविद्यालय का होने के बावजूद अंकपत्र संशोधित करने के नाम पर संबंधित परीक्षार्थी अर्थदंड जमा करने का दबाव दिया जा रहा है।

मीरा देवी नामक परीक्षार्थी ने वर्ष 2019 से विश्वविद्यालय से संबद्ध बिहार के मां मुंडेश्वरी संस्कृत महाविद्यालय (मुंडेश्वरी-रामगढ़-कैमुर) उत्तर मध्यमा (इंटरमीडिएट) प्रथम खंड की परीक्षा उत्तीर्ण की। प्रथम खंड में उन्हें 300 में से 211 अंक मिले। वहीं षष्ठ प्रश्नपत्र में गृह विज्ञान की प्रायोगिक परीक्षा में 30 में से परीक्षार्थी को 32 अंक दे दिया गया। खास बात यह है कि वर्ष 2020 में उत्तर मध्यमा उत्तीर्ण करने के बाद प्रधानाचार्य को अंकपत्रों में विसंगति दिखी। बहरहाल प्रधानाचार्य ने तत्काल इस संबंध में परीक्षा नियंत्रक से बात की। परीक्षा नियंत्रक ने अंकपत्र संशोधित के लिए आवेदन मांगा। वहीं प्रार्थना पत्र देने के बाद अब विश्वविद्यालय प्रशासन संबंधित परीक्षार्थी से अर्थदंड जमा करने का निर्देश दिया है। परीक्षार्थी का कहना है कि यह चूक विश्वविद्यालय स्तर से हुई है। ऐसे में अर्थदंड हम क्यों जमा करें। अर्थदंड के चक्कर में अंकपत्र का संशोधन फंस गया है। दूसरी ओर परीक्षा नियंत्रक डा. राजनाथ का का कहना है कि इस संबंध में कोई आवेदन नहीं मिला है। आवेदन मिलने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।

बीकाम की एक सीट पर आठ से अधिक अभ्यर्थियों की दावेदारी

यूपी कालेज के स्नातक व स्नातकोत्तर के विभिन्न पाठ्यक्रमों में दाखिले की जंग जारी है। इस क्रम में तीसरे दिन रविवार को दो पालियों में बीकाम व एमएससी-कृषि प्रवेश परीक्षा हुई। दोनों पाठ्यक्रमाें की प्रवेश परीक्षा में पंजीकृत 1658 में से 1425 अभ्यर्थी प्रवेश परीक्षा में शामिल हुए। जबकि 233 अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। इस प्रकार प्रवेश परीक्षा में 85.94 फीसद अभ्यर्थियों की उपस्थिति रही। वहीं बीकाम 125 सीटों के लिए 1281 परीक्षार्थी प्रवेश परीक्षा में शामिल रहे। ऐसे में बीकाम की एक सीट पर आठ से अधिक अभ्यर्थियों की दावेदारी है।प्राचार्य डा. एसके सिंह ने दोनों पालियाें में शांतिपूर्ण तरीके से परीक्षा होने का दावा किया है।

 

 

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