यूपी के सभी विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों के घर भेजी जाए डिग्री, वाराणसी में बोलीं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल

संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय दीक्षा समारोह में रामयत्न शुक्ल को उपाधि देतीं यूपी की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल

यूपी की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में जितनी भी डिग्रियां रह गई हैं उसे तत्काल बांटा जाए। छात्र-छात्राएं अगर उपस्थित नहीं हो पा रहे हैं उनके पते पर स्पीड पोस्ट से डिग्रियां भेजी जाएं। मंगलवार को संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय दीक्षा समारोह में कही।

Saurabh ChakravartyTue, 02 Mar 2021 12:44 PM (IST)

वाराणसी, जेएनएन। राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने मंगलवार को संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के 38वें दीक्षा समारोह में कहा कि इस माह हरहाल में सभी पास आउट विद्यार्थियों को डिग्री मिल जानी चाहिए। अगर कोई विद्यार्थी अनुपस्थित भी हैं तो स्पीड पोस्ट के माध्यम से डिग्री उनके घर भेजी जाएं। निर्देश दिया किया तीन साल की सभी डिग्री को एकत्रित किया जाएं और भेजकर उन्हें सूचित किय जाएं। राज्यपाल ने मंच से यह निर्देश संपूर्णानंद संस्कृत विवि के साथ ही प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों के लिए दिया। इससे पहले उन्होंने समारोह में मेधावियों को मिला 57 स्वर्ण, रजत व कांस्य पदक प्रदान किया और युवाओं को संदेश दिया कि मात्र डिग्री प्राप्त करना ही बल्कि देश के विकास का कर्णधार भी बनना होगा।

एक-एक गांव गोद ले सभी महाविद्यालय

विश्वविद्यालयों को शिक्षा के साथ सामाजिक दायित्व का भी निवर्हन करना चाहिए ताकि सामाजिक समस्याओं का जल्द समाधान हो सके। प्रधानमंत्री ने 2025 तक टीबी मुक्त भारत की कल्पना की है। हम सभी को इसे साकार करना है। ऐसे में विश्वविद्यालय भी दस बच्चों को गोद लें और आंगनबाड़ी केंद्रों को पुष्टाहार उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य करें। इसी प्रकार संबद्ध कालेजों को भी वन कालेज वन विलेज अर्थात एक महाविद्यालय को कम से कम एक गांव गोद लेना चाहिए। कहा कि दारासिकोह जैसे कई मुस्लिम छात्रों ने यहां अध्ययन किया है। आज भी कई मुस्लिम छात्र यहां अध्ययन कर रहे हैं।

भदोही की मीना को 10 मेडल के साथ 29 मेधावियों को  57 पदक

राज्यपाल आंनदी बेन पटेल मंगलवार को काशी के संपूर्णानंद संस्कृत विश्विद्यालय पहुंची। यहां वे 38वें दीक्षा समारोह में 29 मेधावियों को कुल 57 पदक देंगी। सबसे अधिक 10 मेडल भदोही की मीना कुमारी को दिया गया है।  इसमें स्वर्ण, रजत व कांस्य तीनों पदक शामिल है। वहीं इस बार सर्वाधिक दस पदक आचार्य की (साहित्य) की मीना कुमारी स्वर्ण को मिला। मेधावियों की सूची में पांच छात्राएं व 24 छात्र शामिल है। विश्वविद्यालय के खाते में 17 व संबद्ध कालेजों के झोली में 13 मेडल गया है।

इन्हें मिले मेडल

सर्वाधिक दस पदक  : साहित्य में मीना कुमारी

पांच पदक : नव्य व्याकरण में सुमित्रा नंदन चतुर्वेदी व शुक्ल यजुर्वेद में आशुतोष कुमार मिश्र

चार पदक : शंकर वेदांत में भुनेश्वर चैतन्य

तीन पदक : धर्मशास्त्र में छविरमण भटराई,  दर्शन में शुभम पांडेय, रामानुज वेदांत में सूर्य सेन पांडेय

दो पदक : जैन दर्शन में विनय कुमार पांडेय, आयुवेदाचार्य में लक्ष्मी गौतम  

इन्हें एक-एक पदक : अथर्ववेद में विजय कोईराला, रामानंद वेदांत में सच्चिदानंद पांडेय, नव्य व्याकरण में उत्तम द्विवेदी, विज्ञान में अनमोल शर्मा, सिद्धांत ज्योतिष में सौरभ पांडेय, पुराणेतिहास में वृषकेतु तिवारी, प्राचीन राजशास्त्र-अर्थशास्त्र में यादवेंद्र दत्त दुबे, नव्य न्याय में मोहित कुमार मिश्र, पूर्व मीमांसा में मारीया रूईस, बौद्ध दर्शन में पूजा, पालि में कोलिता, प्राकृति जैनागम में जितेंद्र कुमार, संस्कृत विद्या में सत्यदेव कुमार दुबे, शिक्षाशास्त्र में शिव प्रकार यादव,  फलित ज्योतिष में मनीष कुमार मिश्र, भाषा विज्ञान में अंकित शर्मा, नव्य व्याकरण में गणेश देशमुख व  उत्तर मध्यमा  (साहित्य हिंदी) में शुभम खरवार, साहित्य में प्रिया चौबे रजत पदक व संस्कृत प्रमाणपत्रीय में गोविंद सापकोटा कांस्य पदक।

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